गैर कंपनी क्षेत्रों में टैंकर से होगी जलापूर्ति

गरमी में पेयजल संकट से निपटने की तैयारी शुरू (फ्लैगसंवाददाता, जमशेदपुर गरमी में पेयजल संकट न हो, इसे लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग अभी से सतर्क हो गया है. मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी के निर्देश पर विभागीय सचिव एपी सिंह ने कार्यपालक अभियंताओं को आदेश जारी कर छुट्टी रद्द किये जाने की सूचना दे दी है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 27, 2015 8:03 PM

गरमी में पेयजल संकट से निपटने की तैयारी शुरू (फ्लैगसंवाददाता, जमशेदपुर गरमी में पेयजल संकट न हो, इसे लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग अभी से सतर्क हो गया है. मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी के निर्देश पर विभागीय सचिव एपी सिंह ने कार्यपालक अभियंताओं को आदेश जारी कर छुट्टी रद्द किये जाने की सूचना दे दी है. अधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश दिया गया है. इधर, विभाग ने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन, खराब मोटर पंप और चापाकलों की मरम्मत की तैयारी भी शुरू कर दी है. प्रभावित क्षेत्रों में तैयारी का निर्देश : राज्य के सभी जिलों के डीसी को पेयजल संकट वाले क्षेत्र को चिह्नित करते हुए अभी से उपाय करने को कहा गया है. तीन टैंकर भाड़े में लेगी जेएनएसी : जेएनएसी गरमी में जलापूर्ति के लिए तीन टैंकर भाड़े पर लेगी. गैर कंपनी क्षेत्रों में टैंकरों के जरिये जलापूर्ति की जायेगी. वहीं, खराब चापाकलों की मरम्मत के लिए टेंडर निकाला गया है. मानगो अक्षेस और जुगसलाई नगरपालिका ने भी अभी से तैयारी शुरू कर दी है. -गरमी में गहरा जाता है जलसंकट (फ्लैग)एक बोरिंग के सहारे सदर अस्पतालजमशेदपुर. सदर अस्पताल में बोरिंग से जलापूर्ति की जाती है. गरमी शुरू होते ही जलस्तर नीचे चले जाने से बोरिंग से पानी निकलना बंद हो जाता है. इससे अस्पताल के मरीजों से लेकर डॉक्टरों व अन्य स्टाफ को परेशानी होती है. अगर बोरिंग खराब हो जाये तो भी अस्पताल में जलापूर्ति का विकल्प नहीं है. अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 मरीजों का भरती कर इलाज किया जा रहा है तथा प्रतिदिन 250 से 300 मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं. सिविल सर्जन डॉक्टर विभा शरण के मुताबिक अस्पताल परिसर में दो डीप बोरिंग के लिए पीएचइडी विभाग को पत्र लिखा जा रहा है.