रेलवे यूुनियन के नेता बोले

रेल कर्मियों की अनदेखीरेल कर्मियों के लिए बजट में कुछ नहीं है. बजट में पूर्व में घोषित योजनाओं की चर्चा नहीं की गयी. यह काफी निंदनीय है. पीपीपी मीठा जहर है. इसे लागू करने पर मेंस यूनियन इसका विरोध करेगी. – जवाहर लाल, मंडल संयोजक, रेलवे मंेस यूनियन.पीएफ का पैसा निवेश की घोषणा दुर्भाग्यपूर्णरेलमंत्री सुरेश […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 26, 2015 11:03 PM

रेल कर्मियों की अनदेखीरेल कर्मियों के लिए बजट में कुछ नहीं है. बजट में पूर्व में घोषित योजनाओं की चर्चा नहीं की गयी. यह काफी निंदनीय है. पीपीपी मीठा जहर है. इसे लागू करने पर मेंस यूनियन इसका विरोध करेगी. – जवाहर लाल, मंडल संयोजक, रेलवे मंेस यूनियन.पीएफ का पैसा निवेश की घोषणा दुर्भाग्यपूर्णरेलमंत्री सुरेश प्रभु का प्रथम रेल बजट होने के कारण रेलकर्मी काफी उत्साहित थे. उन्होंने रेलकर्मियों के हित में घोषणा नहीं की. पीएफ का पैसा रेल में निवेश करने की घोषणा दुर्भाग्यपूर्ण है. यह रेलकर्मी के साथ धोखा है. -विमल रजक, शाखा सचिव, ऑल इंडिया एसटी-एससी इंप्लाइज एसोसिएशन, टाटानगर.पीपीपी मजदूर विरोधी रेलकर्मचारियों के लिए रेल बजट निराशा जनक है. पीपीपी के तहत रेलवे का विकास मजदूर विरोधी है. पूर्व में घोषित योजनाओं पर चर्चा नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है. – सागर प्रसाद, अध्यक्ष, ओबीसी रेलवे इम्पलाइज एसोसिएशन.निराशाजनक बजटरेलकर्मियों को दरकिनार कर बजट बनाया गया है. रेलवे के लिए 24 घंटे तैयार रहने वाले रेलकर्मियों के हित में घोषणाएं नहीं की गयी है. यह काफी निराशाजनक है. -शिव शंकर दूबे, नेता, रेलवे मेंस कांग्रेसनयी ट्रेन की घोषणा नहीं करना सराहनीयबजट रेलकर्मियों के हित में घोषणा नहीं की गयी है. रेलकर्मियों बजट से काफी उम्मीदें हैं. मूलभूत सुविधाओं की घोषणा के साथ नयी टे्रन की घोषणा नहीं करना सराहनीय है. – एसआर मिश्रा, नेता, मेंस कांग्रेस.