आम बजट : दवा की कीमतों में आए कमी
अशोक कुमार अग्रवालमेडिकल व्यवसायीआम आदमी को राहत तभी मिल सकती है, जब उसके जरूरत के सामान की कीमत उसकी पहुंच में हो. आम बजट में आम नागरिकों के हितों के बारे में कुछ होना चाहिए तो सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि जीवन रक्षक महंगी दवाओं की कीमतों में कमी आये. टैक्स आदि उपक्रमों के […]
अशोक कुमार अग्रवालमेडिकल व्यवसायीआम आदमी को राहत तभी मिल सकती है, जब उसके जरूरत के सामान की कीमत उसकी पहुंच में हो. आम बजट में आम नागरिकों के हितों के बारे में कुछ होना चाहिए तो सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि जीवन रक्षक महंगी दवाओं की कीमतों में कमी आये. टैक्स आदि उपक्रमों के माध्यम से सरकार ऐसा कर सकती है. कुछ दिनों पहले एक पहल हुई थी कि सरकारी अस्पतालों में जेनरिक दवाखाना खुलेंगे, लेकिन बड़ा सच यह भी है कि बाजार में जेनरिक दवाएं उपलब्ध ही कम हैं. जेनरिक दवाओं का उत्पादन बढ़ता है तो इससे सबसे ज्यादा फायदा गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को होगा. सबसे बड़ी बात यह है कि दवा के होलसेल और खुदरा बिक्री मूल्य में काफी अंतर होता है. यानी, दवाओं में मुनाफे का स्तर भी तय नहीं होता है. सरकार केंद्रीय स्तर पर ही ऐसी व्यवस्था करे कि दवा के बिजनेस में मनुफाखोरी पर लगाम लग सके.
