पानी के औद्योगिक इस्तेमाल पर लग सकती है रोक
फ्लैग- इको सेंसेटिव जोन के अधीन आयेगा डिमना क्षेत्र वरीय संवाददाता, जमशेदपुरदलमा वन्य प्राणी आश्रयणी को इको सेंसेटिव जोन के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. ऐसे में डिमना लेक भी इसी जोन में आ जायेगा. ऐसा होने पर डिमना लेक का पानी का औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक लग सकती […]
फ्लैग- इको सेंसेटिव जोन के अधीन आयेगा डिमना क्षेत्र वरीय संवाददाता, जमशेदपुरदलमा वन्य प्राणी आश्रयणी को इको सेंसेटिव जोन के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. ऐसे में डिमना लेक भी इसी जोन में आ जायेगा. ऐसा होने पर डिमना लेक का पानी का औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक लग सकती है. ज्ञात हो कि डिमना लेकर से शहर के लोगों को पानी मिलता है. टाटा स्टील समेत कई उद्योग इसपर निर्भर है. इको सेंसेटिव जोन के संबंध में 29 मार्च 2012 को जारी गजट में पानी पर स्पष्ट गाइड लाइन जारी किया गया है. इसे लेकर वन विभाग की ओर से आवश्यक कदम उठाये गये है. जल संरक्षण को लेकर विशेष कदम उठाया जा रहा है. इसके तहत कृषि और घरेलू उपयोग के लिए पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि पानी का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल और कॉमर्शियल तौर पर नहीं किया जा सकता है. इसके लिए राज्य ग्राउंड वाटर बोर्ड और मॉनीटरिंग कमेटी से विशेष मंजूरी लेनी होगी. यहां का पानी की बिक्री नहीं हो सकती है. 300 मीटर में बन सकता है सिर्फ मिट्टी का मकानएक्ट के तहत इको सेंसेटिव जोन से सटे करीब 300 मीटर में कच्चे मकान बनाये जा सकते हैं. जंगल से पेड़ काटने पर रोक रहेगी. प्लास्टिक का इस्तेमाल बिल्कुल ही नहीं किया जा सकता है. ध्वनि प्रदूषण रोकने को कहा गया है. आज तय होगी जनप्रतिनिधियों की रणनीति इको सेंसेटिव जोन को लेकर वन विभाग की ओर से हो रही कार्रवाई के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों का जुटान होने जा रहा है. रविवार को सभी बोड़ाम के बोटा गांव में जुटेंगे और रणनीति तय करेंगे. इसमें जिला परिषद के लोग, पंचायत प्रतिनिधि समेत अन्य भाग लेंगे.
