हेल्थ बुलेटिन- डॉ. राजीव वर्मा
डॉ. राजीव वर्मा, इएनटी स्पेशलिस्ट ऑपरेशन से सफेद मोतिया का इलाज संभव बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी कम होने लगती है. इसे सफेद मोतिया के नाम से जाना जाता है. ऐसा होने पर आंखों के लेंस में ट्रांसपेरेंसी नहीं रहती. उसके अंदर का प्रोटीन कम होने लगता है. यह बीमारी 60 साल के […]
डॉ. राजीव वर्मा, इएनटी स्पेशलिस्ट ऑपरेशन से सफेद मोतिया का इलाज संभव बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी कम होने लगती है. इसे सफेद मोतिया के नाम से जाना जाता है. ऐसा होने पर आंखों के लेंस में ट्रांसपेरेंसी नहीं रहती. उसके अंदर का प्रोटीन कम होने लगता है. यह बीमारी 60 साल के बाद होने की संभावना ज्यादा रहती है. कम दिखायी देना और आंखों के सामने धुंधलापन आना इसके लक्षण हैं. ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. ऑपरेशन द्वारा आंखों में लेंस लगाया जाता है. फैको इम्यूलसिफिकेशन द्वारा छोटा चीरा लगाकर इसका इलाज किया जाता है. जिसमें मरीज की आंखों में इंट्रा ऑक्यूलर लेंस यानी आइओएल लगाया जाता है. ऐसे में मरीज को ऑपरेशन कराने से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि इलाज करवाना चाहिए. बीमारी- सफेद मोतियालक्षण- कम दिखायी देना, आंखों के सामने धुंधलापन.उपाय- डॉक्टर की सलाह लें.
