प्लेसमेंट का संघर्ष छोड़, जॉब क्रिएटर बनें

जमशेदपुर: इंजीनियरिंग करने के बाद आम तौर पर छात्र नौकरी को प्राथमिकता देते हैं. वास्तव में वे कार्यकुशल होते हैं. ऐसे में जॉब के पीछे भागने से अच्छा है, खुद का उद्योग स्थापित करना. अत: वे जॉब के पीछे भागने की बजाय खुद जॉब क्रिएटर बनें.... यह उनके भविष्य के लिए भी बेहतर होगा. यह […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:50 PM

जमशेदपुर: इंजीनियरिंग करने के बाद आम तौर पर छात्र नौकरी को प्राथमिकता देते हैं. वास्तव में वे कार्यकुशल होते हैं. ऐसे में जॉब के पीछे भागने से अच्छा है, खुद का उद्योग स्थापित करना. अत: वे जॉब के पीछे भागने की बजाय खुद जॉब क्रिएटर बनें.

यह उनके भविष्य के लिए भी बेहतर होगा. यह बात केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निसबड) के महानिदेशक अरुण कुमार झा ने कही. वह मंगलवार को भिलाई पहाड़ी स्थित आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में उद्यमिता विकास विषयक सेमिनार को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि छात्र स्मॉल स्केल इंडस्ट्री स्थापित करने पर ध्यान दें. ऐसे युवकों को सरकार भी ऋण मुहैया कराती है. इसके लिए हर जिले में डीआइसी ऑफिस (जिला उद्योग केंद्र) है और सरकार ने बैंकों को भी जोड़ा है. इस कार्य में निसबड की तरफ से भी यथोचित सहयोग किया जाता है.