पार्किंग के नियमों में संशोधन करने के बजाय अब बहानेबाजी पर उतरे अफसर

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पार्किंग की निविदा शर्त में कहीं भी चोरी के बाद हर्जाने का नहीं किया गया उल्लेख

निविदा की अधिकांश शर्तों का हो रहा उल्लंघन, अक्षेस प्रशासन नहीं करता कार्रवाई
जमशेदपुर : शहर में पार्किंग शुल्क के नाम पर करोड़ों रुपये वसूलने की योजना बनाने वाला अक्षेस प्रशासन वाहन चोरी की जिम्मेदारी तय करना भूल गया. अब मामला सामने आने पर बहानेबाजी शुरू हो गयी है. अक्षेस के विशेष पदाधिकारी तक यह बताने में कन्नी काट रहे कि वाहन की सुरक्षा ही अगर सुनिश्चित नहीं है, तो लोग पार्किंग शुल्क क्यों दें?
लोगों से पार्किंग का शुल्क सड़क किनारे गाड़ी पार्क करने के लिए क्यों वसूला जा रहा है, जो नो-पार्किंग जोन के रूप से चिह्नित है. सवाल यह उठाया जा रहा है कि जब सड़क किनारे वाहन का पड़ाव ही गलत है, तो फिर अक्षेस प्रशासन ने मात्र राजस्व उगाही के लिए जनता के हितों से समझाैता क्यों कर लिया?
अगर पार्किंग वसूली के लिए संविदा निकाली गयी, तो इसमें वाहन चोरी अथवा क्षतिग्रस्त होने के लिए क्यों नहीं जिम्मेदारी तय की गयी? देश भर में शायद ही कोई ऐसी व्यवस्था होगी, जिसमें वाहन की सुरक्षा तय किये बिना शुल्क निर्धारण और वसूली को लेकर नीतिगत समझौता किया गया हो. ऐसे में आम जनता के हितों को सीधे तौर पर नजरअंदाज करने वाला अक्षेस प्रशासन अब भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है.
शुल्क वसूली और वाहनों की सुरक्षा यानी उनके चाेरी होने की जिम्मेदारी लेने को ठेका लेने वाली एजेंसी तैयार नहीं है. वहीं, अक्षेस प्रशासन संविदा में अगर पूर्व में कोई चूक हो चुकी है, तो उसे सुधारने के लिए पहल करता भी नहीं दिख रहा है. यह कहा जा रहा है कि संविदा में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अधिसूचित क्षेत्र के किसी भी पार्किंग में शुल्क देकर वाहन पार्किंग करने के बावजूद अगर वाहन चोरी हो जाता है, तो हर्जाना कौन देगा?
हां, यह जरूर बताया गया है कि पार्किंग से वाहन चोरी होने पर संबंधित ठेकेदार केवल थाना को सूचित करेंगे और व्यक्ति की पहचान करा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायेंगे. यानी किसी भी स्थिति में वाहन चोरी होने के लिए ठेका एजेंसी और अक्षेस ने अपनी जिम्मेदारी तय नहीं की है.
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