झारखंड आंदोलनकारियों के 3385 मामले अटके, पेंशन मद के फंसे दो करोड़ रुपये

कैंप लगाकर सुनी जायेंगी सभी की समस्याएं जमशेदपुर : झारखंड वनांचल चिह्नितीकरण आयाेग का कार्यकाल छह माह बढ़ा दिया गया है. पूर्वी सिंहभूम 3385 आंदाेलनकारियाें के आवेदन पर अभी तक विचार नहीं किया गया है. इस जिले से 3936 आंदाेलनकारियाें ने आयाेग के समक्ष आवेदन जमा कराया है. इनमें से 2948 काे आयाेग ने पूर्व […]

कैंप लगाकर सुनी जायेंगी सभी की समस्याएं
जमशेदपुर : झारखंड वनांचल चिह्नितीकरण आयाेग का कार्यकाल छह माह बढ़ा दिया गया है. पूर्वी सिंहभूम 3385 आंदाेलनकारियाें के आवेदन पर अभी तक विचार नहीं किया गया है. इस जिले से 3936 आंदाेलनकारियाें ने आयाेग के समक्ष आवेदन जमा कराया है. इनमें से 2948 काे आयाेग ने पूर्व में सूचीबद्ध कर लिया था, जबकि 988 आवेदन लंबित थे. जिला के 202 आंदाेलनकारियाें काे पेंशन का हकदार मान कर सरकार के पास आयोग ने अनुशंसा भेजी. कुछ माह मिलने के बाद उनकी पेंशन बंद हाे गयी थी.
झारखंड आंदाेलनकारी मंच के जिलाध्यक्ष संजय लकड़ा ने बताया कि पेंशन मद में जिला के आंदाेलनकारियाें का दाे कराेड़ रुपया बकाया हाे गया है. झारखंड वनांचल चिन्हितीकरण आयाेग के सदस्य डॉ देवशरण भगत ने कहा कि सभी आंदाेलनकारियाें के मामलाें का समाधान किया जायेगा. प्रत्येक जिला में दाे दिवसीय कैंप लगाकर समस्याआें काे सुना जायेगा आैर आवेदन पर अंतिम फैसला लिया जायेगा.
संजय लकड़ा ने बताया कि 17 पेंशनधारियाें से जरूरी कागजात की मांग की गयी थी, उनके द्वारा अभी तक जमा नहीं कराया गया है, जिसके कारण उन्हें पेंशन मिलनी अभी शुरू नहीं हुई है. गृहकारा आपदा विभाग द्वारा जिला प्रशासन काे 254 आवेदनाें के संबंध में रिपाेर्ट देने काे कहा गया है, जिसके बाद उन पर आगे की कार्रवाई की जायेगी. पूर्वी सिंहभूम के 297 आंदाेलनकारियाें काे अभी तक चिह्नित कर प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है.
जेल प्रशासन द्वारा कई मामलाें में जवाब नहीं दिये जाने के कारण भी आंदाेलनकारियाें की पेंशन में देर हाे रही है. छह माह से अधिक की अवधि जेल में गुजारनेवालाें काे पांच हजार आैर तीन माह तक की अवधि वालाें काे तीन हजार रुपये पेंशन का प्रावधान तय है.

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