सिर्फ राशन कार्ड देख कर भी देना होगा राशन : राय
जमशेदपुर: कथित भूख से मौत प्रकरण में राशनिंग से जुड़े विभिन्न पहलुअों का अध्ययन करने के बाद खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने राज्य के जनवितरण दुकानदारों को कहा है कि बिना आधार कार्ड के भी उपभोक्ताओं को राशन दे सकते हैं. मंत्री सरयू राय शनिवार को हेलीकॉप्टर से सोनारी एयरपोर्ट पर उतरे और थोड़ी […]
जमशेदपुर: कथित भूख से मौत प्रकरण में राशनिंग से जुड़े विभिन्न पहलुअों का अध्ययन करने के बाद खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने राज्य के जनवितरण दुकानदारों को कहा है कि बिना आधार कार्ड के भी उपभोक्ताओं को राशन दे सकते हैं. मंत्री सरयू राय शनिवार को हेलीकॉप्टर से सोनारी एयरपोर्ट पर उतरे और थोड़ी देर के लिए अपने घर गये थे, उसके बाद कोलकाता के लिए रवाना हो गये. सोनारी एयर पोर्ट पर प्रभात खबर से बातचीत में श्री राय ने कहा कि सफेद कार्ड से किरोसिन मिलता. वह भी राशन कार्ड देखकर दिया जा सकता है.
इसके लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता नहीं है. जो लोग आधार से नहीं जुड़े हैं, उनको जोड़ने को कहा गया है. सारे डीलरों को कहा गया है कि राशन कार्ड है तो आधार कार्ड भी देखें. अगर आधार कार्ड नहीं है तो पॉश मशीन से अंगूठा लगायें. अंगूठा भी नहीं लग पाता है, तो अपवाद रजिस्टर बनायें, जहां उनकी इंट्री कराने के बाद हस्ताक्षर करायें और तत्काल राशन दें. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा 27 मार्च 2017 को किये गये वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से गफलत की स्थिति पैदा हो गयी. उन्होंने ही कह दिया कि बिना आधार कार्ड का राशन नहीं दिया जाये. इसके बाद डीलरों ने राशन देना बंद कर दिया. श्री राय ने कहा कि आशंका है कि कई लोगों के राशन कार्ड से नाम काट दिये गये हैं. इसे संबंधित विभाग के अधिकारियों को देखने को कहा गया है.
केंद्र सरकार के आदेश और कानून से बड़ा कोई नहीं
मंत्री सरयू राय ने कहा कि 8 फरवरी 2017 को भारत सरकार ने सभी राज्यों के सचिवों को कहा था कि आधार को अनिवार्य नहीं बनायें. इसके बाद 12 सितंबर को भी पत्र भेजा गया और 24 अक्तूबर को तीसरी बार पत्र भेजा गया है. केंद्र सरकार के आदेश या कानून से न तो मुख्यमंत्री, मंत्री न ही मुख्य सचिव या कोई भी अधिकारी ऊपर है. केंद्र सरकार के कानून या नियमों को मानना ही होगा. ऊपर से नियम थोपना गलत है. उन्होंने बताया कि 30 अक्तूबर को वे राशन डीलरों के प्रतिनिधियों के साथ रांची में मीटिंग करेंगे. सभी सतर्कता समितियों को भी उसमें जगह दी गयी है, जिनकी बैठक में स्पष्ट कर दिया जायेगा कि उनको किस तरह दिशा-निर्देश का पालन करना है. अगर उनकी कोई शिकायतें होंगी तो उसे भी सुनी जायेगी.
सभी राशन दुकानों में चावल के साथ दाल-चना भी दिया जाये
सरयू राय ने बताया कि वे जल्द राज्य सरकार को प्रस्ताव देने वाले हैं कि कुपोषण को देखते हुए राज्य के सभी राशन दुकानों में चावल के साथ दाल, चना आदि प्रोटीनयुक्त अनाज भी दिया जाये. सरकार इजाजत देगी तो लोगों को यह सुविधा प्रदान की जायेगी.
