जिस नौकरी के लिए मांगी गई थी सामान्य योग्यता, उसके लिए पहुंचे एमए-बीएड अभ्यर्थी

हजारीबाग में चौकीदार भर्ती के लिए स्नातक और एमए पास युवाओं की भीड़ उमड़ी। बेरोजगारी के कारण उच्च शिक्षित युवा छोटी नौकरी करने को मजबूर हैं।

हजारीबाग: हजारीबाग जिले में बेरोजगारी का आलम ऐसा है कि चौकीदार जैसे पद पर भी उच्च योग्यता प्राप्त अभ्यर्थियों की भरमार है. वर्ष 2019 में जिले में 1298 चौकीदार पदों पर बहाली निकाली गयी थी. करीब सात साल बाद पिछले महीने इस बहाली का रिजल्ट जारी किया गया.

चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच जिला पुलिस द्वारा समाहरणालय में की जा रही है. यह प्रक्रिया पिछले दो दिनों से चल रही है. मंगलवार को डाड़ी प्रखंड के 177 नवनियुक्त चौकीदार अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्रों की जांच के लिए बुलाया गया था.

दस्तावेज जांच के दौरान बड़ी संख्या में स्नातक, एमए, बीएड, डीएलएड सहित अन्य उच्च एवं प्रोफेशनल योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी पहुंचे. इससे जिले में रोजगार की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. अभ्यर्थियों का कहना है कि रोजगार के सीमित अवसर के कारण उन्हें अपनी योग्यता से कम पद के लिए भी आवेदन करना पड़ रहा है.

अभ्यर्थी सुमन ने बताया कि बेरोजगारी के कारण वह चौकीदार की नौकरी करने के लिए आयी हैं. पढ़ाई के दौरान उनकी इच्छा शिक्षक बनने की थी. उन्होंने बताया की एम ए तक की पढ़ाई की है , लेकिन शिक्षक की नौकरी नहीं मिल सकी. ऐसे में अब चौकीदार के पद पर चयन होने के बाद सरकारी नौकरी की उम्मीद जगी है.


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By Prabhat khabar news desk

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