हजारीबाग: विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाने काे लेकर सरहुल मैदान स्थित धुमकुड़िया भवन में बैठक हुई. अध्यक्षता सरना समिति के अध्यक्ष महेंद्र बेक ने की. संचालन सचिव सुनील लकड़ा ने किया. बैठक में शहर के अखाड़ा, मांझी थान, जाहेर थान के सदस्य शामिल हुए.
महेंद्र बेक ने कहा कि यह सरहुल मैदान हमारी संस्कृति का मुख्य केंद्र है. इसे सुरक्षित करना हम सभी लोगों की जिम्मेवारी है. हमारी पहचान हमारी धर्म-संस्कृति व रीति रिवाज से है. हजारीबाग जिला मांझी हड़ाम केंद्रीय अध्यक्ष मनोज टुडू ने कहा कि हजारीबाग जिला प्राचीन काल से ही हमारा एक धार्मिक गढ़ रहा है, जो सरकारी गजट में भी चाय चंपागढ़ के नाम से दर्ज है.
संरक्षक बंधन एक्का ने कहा कि हमारे पूर्वजों एवं साथियों ने अपने धार्मिक पर्व-त्योहार को जीवित रखने के लिए इस सरहुल मैदान को वर्षों से संजोकर रखा है. धीरे-धीरे शासन- प्रशासन के सहयोग से इसे और भी बेहतर करना है. इसे सुरक्षित करने के लिए हजारीबाग सांसद, विधायक, महापौर, प्रशासनिक अधिकारी, उपायुक्त, मुख्यमंत्री, कल्याण मंत्री, भू-राजस्व मंत्री, पदाधिकारी से मिलकर बातें रखी जायेंगी.
कृपाल कच्छप ने कहा कि आदिवासी दिवस को लेकर सभी ग्रामीणों के साथ गांव-गांव में बैठक की जायेगी. बैठक में सरना समिति के उपाध्यक्ष महेंद्र टोप्पो, फुलवा कच्छप, पिंकी कुमारी, सुशांति कच्छप, रतन केरकेट्टा, कोषाध्यक्ष जीत वाहन भगत, महेंद्र कुजूर, पवन तिग्गा, रवि लिंडा, दीपक उरांव, आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुशील ओडिया, जिला अध्यक्ष पप्पू उरांव, पीटर, पॉल टोप्पो इनामुल कंडुलना, गुड्डू उरांव, फिलिप्स तिग्गा सहित अन्य मौजूद थे.
