संसार में ओम से बढ़कर कुछ नहीं : मुनि श्री धर्मसागर

पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा बाजार मंदिर में विशेष मांगलिक कार्यक्रम

हजारीबाग. परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सान्निध्य में मंगलवार को पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा बाजार मंदिर में विशेष मांगलिक कार्यक्रम हुआ. धर्म सभा में मुनि श्री धर्मसागर जी महाराज ने कहा कि सभी संप्रदायों में ओम का महत्व है. ओम में तीन लोक गर्भित हैं. संसार में ओम से बढ़कर कुछ नहीं है. ओम में सब समाहित हो जाते हैं. जन्म और मरण के समय महामंत्र सुनना पुण्य का काम है. 2000 वर्ष प्राचीन ग्रंथ धबला में मंगलाचरण में णमोकार मंत्र का उल्लेख मिलता है. मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि अच्छी जिंदगी जीने के लिए अच्छे फॉर्मूले अपनायें. अपना स्वभाव अच्छा रखें. अपनी मानसिकता अच्छी रखें. अच्छी आदत डाले. वफादारी, ईमानदारी व जिम्मेदारी निभायें. अहिंसा का पालन करें. अच्छी जिंदगी जीने के लिए अच्छा इरादा चाहिए. संध्या में महाआरती एवं णमोकार जाप हुआ. मीडिया हेड विजय जैन लुहाड़िया ने बताया कि तीन जून को मुनि का मंगल प्रवचन बड़ा बाजार जैन मंदिर परिसर में आठ बजे होगा.

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Author: SUNIL PRASAD

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