हजारीबाग. शहरी क्षेत्र के दीपूगढ़ा स्थित रोजबड स्कूल में शनिवार को ‘वल्चर सेफ जोन’ विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गयी. ह्यूमन फाउंडेशन एवं वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को गिद्धों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गयी.
बताया गया कि गिद्ध प्रकृति के महत्वपूर्ण सफाईकर्मी होते हैं. वे मृत जीवों को तेजी से साफ कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. गिद्धों की संख्या में कमी का असर पारिस्थितिकी संतुलन, स्वच्छता और संक्रामक रोगों के प्रसार पर पड़ता है.
गिद्धों के संरक्षण के लिए हजारीबाग को केंद्र मानकर 100 किलोमीटर की परिधि को वल्चर सेफ जोन घोषित किया गया है. इस अवसर पर पप्पू कुमार, आयशा फरहीन और किरण कुमारी मौजूद थे.
