हजारीबाग: DC हेमंत सती ने शनिवार को जिला अभिलेखागार एवं निबंधन कार्यालय के अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पुराने और महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था तथा निबंधन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिये.
उपायुक्त ने कहा कि अभिलेखागार में ब्रिटिश काल के साथ-साथ अन्य जिलों से जुड़े महत्वपूर्ण भूमि अभिलेख भी सुरक्षित हैं. इनके संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि भूमि अभिलेखों की सत्यापित प्रतियां केवल वैध उत्तराधिकारियों अथवा अधिकृत व्यक्तियों को ही जारी की जायें.
इसके लिए संबंधित अंचल कार्यालय से प्रमाणित वंशावली अनिवार्य होगी. उन्होंने भूमि अभिलेखों की प्रतियां आरटीआई के माध्यम से उपलब्ध नहीं कराने का भी निर्देश दिया.उन्होंने अभिलेखों का वैज्ञानिक वर्गीकरण, फाइलों पर स्पष्ट विवरण अंकित करने, पुराने दस्तावेजों के संरक्षण के लिए रसायनों का नियमित छिड़काव तथा अभिलेखागार में अनधिकृत प्रवेश रोकने और सीसीटीवी की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा.
निबंधन कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने गलत निबंधन की शिकायतों पर चिंता जतायी. उन्होंने निर्देश दिया कि इजमाल (संयुक्त) संपत्ति का निबंधन सभी हिस्सेदारों की विधिसम्मत सहमति के बाद ही किया जाये. बिना सत्यापन किसी भी भूमि का निबंधन करने पर संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी.
उन्होंने डीड राइटरों को नियमों के अनुरूप दस्तावेज तैयार करने का निर्देश देने तथा गलत डीड बनाने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी भी दी. उपायुक्त ने कहा कि अभिलेखों के संरक्षण और निबंधन प्रक्रिया में पारदर्शिता व जवाबदेही हर हाल में सुनिश्चित की जाये.
