चौपारण. पिपरा एवं सिंघरांवा के रैयतों ने भूमि अधिग्रहण में मुआवजा की राशि में असमानता के विरोध में रविवार को बजरंग चौक के पास धरना-प्रदर्शन किया. रैयत एनएच-2/4 के छह लेन चौड़ीकरण परियोजना में समान परियोजना, समान मुआवजा की मांग कर रहे थे. उनका कहना था कि हजारीबाग जिले के अन्य प्रभावित गांवों के रैयतों को भूमि मूल्य पर गुणक प्लस टू का लाभ दिया गया है. जबकि पिपरा एवं सिंघरावां के कई रैयत इस लाभ से वंचित हैं. इसके अलावा भूमि, मकान, कुआं, पेड़-पौधे एवं अन्य परिसंपत्तियों पर देय 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भी भुगतान नहीं किया गया. रैयत सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप क्षतिपूर्ति एवं ब्याज भुगतान सुनिश्चित करने की मांग कर रहे थे. उनका कहना था कि एक ही परियोजना में अलग-अलग मुआवजा राशि का भुगतान अनुचित है. पिपरा के प्रभावित परिवारों को लगभग 4.40 करोड़ रुपये की राशि कम दी गयी है. संरचनाओं के मुआवजे पर देय ब्याज का भी भुगतान नहीं हुआ है.
मुआवजा राशि में असमानता के विरोध में रैयतों का धरना
भूमि मूल्य पर गुणक प्लस टू का लाभ नहीं मिलने का आरोप
