हजारीबाग): चौपारण प्रखंड कार्यालय में अलग-अलग विभागों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को पिछले 17 माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है. इस संबंध में कर्मियों ने बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर बकाया मानदेय का भुगतान कराने की मांग की है. उन्होंने प्रशासन से आउटसोर्सिंग एजेंसी के स्तर पर लंबित भुगतान की समस्या का शीघ्र समाधान कराने की भी अपील की है.
अबतक कुल 12 महीने का नहीं हुआ भुगतान
कर्मियों ने बताया कि वे ग्रामीण विकास विभाग की अधिकृत आउटसोर्सिंग एजेंसी मेसर्स राइडर सिक्यूरिटी प्रालि, रांची के माध्यम से चौपारण प्रखंड कार्यालय में सेवाएं दे रहे हैं. नियमित रूप से कार्य करने के बावजूद उन्हें लंबे समय से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. ज्ञापन में बताया गया है कि नवंबर 2024 से मार्च 2025 तक पांच माह तथा अगस्त 2025 से जुलाई 2026 तक 12 माह का मानदेय लंबित है. इस तरह कुल 17 माह का भुगतान अब तक नहीं हुआ है.
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कर्ज लेकर परिवार का खर्च चलाने को मजबूर कर्मचारी
कर्मियों ने कहा कि लगातार कई महीनों तक मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. परिवार का खर्च चलाने, बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है. आर्थिक तंगी के कारण कई कर्मियों को मजबूरी में कर्ज लेकर परिवार का खर्च चलाना पड़ रहा है. मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी के साथ मानसिक तनाव और भविष्य को लेकर असुरक्षा की स्थिति भी बनी हुई है. ज्ञापन सौंपने वालों में कंप्यूटर सहायक विजय कुमार सोनी, संतोष कुमार, सकलदेव साव, गौरव पांडेय, जीप चालक संतोष कुमार और झाड़ूकश रवि कुमार शामिल थे.
