बड़कागांव : पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना में मुआवजा, मजदूरी दर और गैरमजरूआ भूमि के भुगतान को लेकर पूर्व विधायक लोकनाथ महतो ने एनटीपीसी पर अपने ही निर्धारित नियमों और जिला प्रशासन के समक्ष किये गये इकरारनामे का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि इससे बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्र के रैयतों में असंतोष है.
मुआवजा और मजदूरी भुगतान में नियमों के पालन नहीं होने का आरोप
बड़कागांव पश्चिमी पंचायत सभागार में सोमवार को प्रेस वार्ता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए लोकनाथ महतो ने कहा कि कंपनी के निर्धारित प्रावधान के अनुसार रैयती भूमि के मुआवजे पर 30 प्रतिशत अतिरिक्त राशि तथा सीबी एक्ट लागू होने की तिथि से 12 प्रतिशत ब्याज का भुगतान किया जाना है. आरोप लगाया कि अब तक इसका समुचित पालन नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि मजदूरी दर में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है.इससे निराशा है.
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मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगी: पूर्व विधायक
पूर्व विधायक ने वर्ष 2016 की कटऑफ डेट निर्धारित किये जाने पर भी आपत्ति जतायी. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के समय की स्थिति को कटऑफ डेट माना जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों का भी पालन नहीं किया जा रहा है. लोकनाथ महतो ने कहा कि रैयतों और प्रभावित लोगों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को सड़क से लेकर न्यायालय तक ले जाया जायेगा.
प्रशासन और NTPC के बीच पहले ही हो चुकी थी बैठक
पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना में रैयती भूमि के मुआवजे को लेकर जिला प्रशासन और एनटीपीसी के बीच 21 फरवरी और 21 मार्च 2015 को ही बैठक हुई थी. एनटीपीसी के पत्र के अनुसार जिला प्रशासन एवं एनटीपीसी के बीच हुई बैठकों में लिये गये निर्णयों को एनटीपीसी बोर्ड से भी अनुमोदन मिल चुका था. मौके पर मुखिया संघ के अध्यक्ष रंजीत कुमार, डॉ. बालेश्वर महतो, चमन महतो, अवध किशोर यादव, राम लखन महतो, लखेश्वर महतो, लोकन महतो समेत दर्जनों किसान मौजूद थे.
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