हजारीबाग के गोंदलपुरा में मुखिया की दबंगई: ग्रामीणों को रगेद-रगेदकर पीटा, वीडियो वायरल

हजारीबाग के गोंदलपुरा गांव में ग्राम मुखिया और उनके बेटे पर मारपीट का गंभीर आरोप लगा है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे गांव में तनाव का माहौल है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.


बड़कागांव से संजय सागर की रिपोर्ट

Hazaribagh Gondalpura Cotroversy: झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र के गोंदलपुरा गांव में ग्राम मुखिया वासुदेव यादव और उनके पुत्र करण यादव पर गांव के छड़ीदार किनु महतो और ग्रामीण लालमणि महतो के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में किनु महतो को दौड़ाकर पीटते हुए कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

28 अगस्त की देर शाम की घटना

घटना 28 अगस्त की देर शाम की बतायी जा रही है. मारपीट में घायल किनु महतो और लालमणि महतो का प्राथमिक उपचार बड़कागांव अस्पताल में कराया गया. इसके बाद दोनों ने बड़कागांव थाना पहुंचकर अलग-अलग आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. दूसरी ओर, घटना के बाद मुखिया के घर का ग्रामीणों द्वारा घेराव किए जाने का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिससे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.


बैठक की सूचना देने के दौरान हुआ विवाद

छड़ीदार किनु महतो ने थाना में दिए आवेदन में बताया कि 29 अगस्त को गांव में प्रस्तावित बैठक की सूचना देने के लिए वह घर-घर जाकर लोगों को जानकारी दे रहे थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात ग्राम मुखिया वासुदेव यादव और उनके पुत्र करण यादव से हुई.

मुखिया और बेटे पर धारदार हथियार से हमले का आरोप

आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और दोनों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. किनु महतो के अनुसार, उन्होंने जान बचाने के लिए शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाया. ग्रामीणों ने उन्हें मोटरसाइकिल से बड़कागांव अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया गया.

बीच-बचाव करने पहुंचे ग्रामीण पर भी हमला

घटना में घायल हुए लालमणि महतो ने भी थाना में आवेदन देकर मुखिया और उनके पुत्र पर मारपीट का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर किनु महतो और मुखिया के बीच विवाद हो रहा था, वहां वह बीच-बचाव के लिए पहुंचे थे.

घायल ग्रामीण ने अस्पताल में कराया इलाज

लालमणि महतो का आरोप है कि वहां पहुंचते ही मुखिया वासुदेव यादव और उनके पुत्र करण यादव ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोटें आईं. इसके बाद उन्होंने भी अस्पताल में इलाज कराया और पुलिस से कार्रवाई की मांग की.

मारपीट और घेराव के वीडियो हुए वायरल

घटना के बाद दो अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. पहले वीडियो में किनु महतो को दौड़ाकर पीटते हुए देखा जा रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में ग्रामीणों की भीड़ मुखिया वासुदेव यादव के घर के बाहर जुटी नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि मारपीट की घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुखिया के घर का घेराव किया था. हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी.

मुखिया बोले, मारपीट नहीं की, सिर्फ डराया

ग्राम मुखिया वासुदेव यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है कि किसी केस के सिलसिले में बेलदार को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी. उन्होंने कहा कि मामला तू-तू, मैं-मैं तक ही सीमित था. उनका दावा है कि उन्होंने किसी की पिटाई नहीं की, बल्कि केवल डराया था. मुखिया ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ ग्रामीण उनके घर पहुंचे और पत्थरबाजी की.

पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच

घटना के बाद गोंदलपुरा गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. दो पक्षों के आमने-सामने आने से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है. बड़कागांव थाना पुलिस दोनों पक्षों के आवेदन और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है.

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प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के बाद कार्रवाई: पुलिस

पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. घायलों के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और वायरल वीडियो की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मारपीट की वास्तविक वजह और घटना की पूरी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल पुलिस गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो.

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लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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