हजारीबाग. जिला पर्यावरण समिति की बैठक मंगलवार को संपन्न हुई. बैठक में शेफाली गुप्ता जिला पर्यावरण समिति की सदस्य के रूप में शामिल हुईं. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर वन प्रमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. इसमें हजारीबाग में व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराने के साथ लगाए गये पौधों की निगरानी के लिए जीपीएस आधारित व्यवस्था लागू करने की मांग की गयी.
ज्ञापन में झील और तालाबों के सौंदर्यीकरण के दौरान पेड़-पौधों को नुकसान नहीं पहुंचाने तथा क्षति होने की स्थिति में नए पौधे लगाने की मांग की गयी. कोयला क्षेत्रों में नियमित जल छिडकाव और बढ़ते तापमान को देखते हुए पौधरोपण का दायरा बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.
झील में प्रतिमा विसर्जन पर रोक की मांग
झील में प्रतिमा और पूजा सामग्री के विसर्जन पर रोक लगाने तथा इसके लिए अलग विसर्जन स्थल विकसित करने की मांग की गयी. नालों का पानी तालाबों और झील में जाने से रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने की बात कही गयी. साथ ही झील में आने वाले पानी की नियमित गुणवत्ता जांच कराने की मांग भी की गयी.
जलप्रवाह बाधित करने वाले पाइप और कलवर्ट की मरम्मत व सफाई कराने पर भी जोर दिया गया. इसके अलावा कीटनाशकों के अनियंत्रित इस्तेमाल पर नियंत्रण, अस्पतालों के बायो-वेस्ट का सुरक्षित निपटारा और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण डिस्प्ले यूनिट लगाने की मांग की गयी.
रामनगर नदी को नाला बनने से बचाने पर जोर
ज्ञापन में रामनगर नदी को नाला बनने से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी शामिल है. पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इन मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गयी है.
