चौपारण : मुंबई में भाषा विवाद को लेकर झारखंड के वाहन चालकों का आक्रोश बढ़ रहा है. चालकों ने प्रदर्शन कर झारखंड सरकार से राज्य में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दूसरे राज्यों में रोजगार के दौरान उन्हें भाषा और क्षेत्रवाद से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
रोजगार के लिए महानगरों में पलायन
ब्रह्मदेव प्रजापति ने कहा कि झारखंड के हजारों लोग रोजगार के लिए महानगरों में पलायन कर रहे हैं. इनमें बड़ी संख्या में लोग ड्राइविंग, निर्माण और होटल क्षेत्र में काम करते हैं. विशाल साव ने कहा कि महानगरों की अर्थव्यवस्था में झारखंड समेत अन्य राज्यों के श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है.
इसके बावजूद स्थानीय भाषा को लेकर दबाव और अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आती हैं. चालकों ने केंद्र व राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की.
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