आठ माह से अटका मानदेय, उधार लेकर गुजर-बसर कर रहे कर्मचारी

एसबीएमसीएच के 300 आउटसोर्सिंग कर्मियों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट

हजारीबाग. शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत करीब 300 कर्मचारियों को पिछले आठ माह से मानदेय नहीं मिला है. इससे इन कर्मियों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. इनमें मल्टीपरपस वर्कर, नर्स, टेक्नीशियन समेत विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं. कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें मिलने वाले सीमित मानदेय पर ही पूरे परिवार का खर्च निर्भर है. लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई, इलाज, घरेलू खर्च और अन्य जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है. कर्मचारियों ने बताया कि शादी-विवाह के इस मौसम में आर्थिक तंगी और बढ़ गयी है. बच्चों के स्कूल एवं कोचिंग की फीस जमा करने, माता-पिता व अन्य परिजनों का इलाज कराने तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीद में भी परेशानी हो रही है. कई कर्मचारी उधार लेकर किसी तरह घर चला रहे हैं. उनका कहना है कि नियमित रूप से ड्यूटी पर आने-जाने में भी खर्च हो रहा है, लेकिन मानदेय नहीं मिलने से स्थिति लगातार खराब होती जा रही है.

कर्मचारी वेतन भुगतान की मांग को लेकर खुलकर आंदोलन करने से भी डर रहे हैं. उन्हें आशंका है कि विरोध करने पर कहीं नौकरी न चली जाये. हालांकि कुछ कर्मचारियों ने मंगलवार को अस्पताल अधीक्षक से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया और शीघ्र भुगतान की मांग की है.

मई 2025 से भुगतान नहीं मिला है : कंपनी संचालक

आउटसोर्सिंग कंपनी राइडर्स के संचालक मनोज सिन्हा ने बताया कि मई 2025 से विभाग की ओर से कंपनी को कोई भुगतान नहीं मिला है. अपने स्तर से नवंबर 2025 तक कर्मचारियों को वेतन दिया, लेकिन करीब छह माह से भुगतान संभव नहीं हो पाया है. विभाग से राशि मिलने के बाद ही कर्मचारियों के बकाया मानदेय का भुगतान किया जा सकेगा. कंपनी का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मैनपावर पेमेंट के लिए कुछ राशि आयी थी, जिसे दूसरे मद में खर्च कर दिया गया है.

आवंटन प्राप्त होते ही भुगतान : अस्पताल अधीक्षक

अस्पताल अधीक्षक डॉ केके सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के भुगतान के लिए विभाग से अभी तक आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है. इसके अलावा वित्त विभाग की ओर से वेतन मद की राशि खर्च करने को लेकर नये निर्देश जारी किये गये हैं, जिसके तहत कर्मचारियों का सत्यापन डीडीओ स्तर से किया जाना अनिवार्य है. यह प्रक्रिया अभी जारी है. उन्होंने कहा कि आवंटन प्राप्त होते ही तथा सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारियों के बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जायेगा.

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Author: SUNIL PRASAD

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