हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
Hazaribagh RTE Admission: झारखंड में हजारीबाग जिले के अलग-अलग 23 प्राइवेट (निजी) स्कूल चालू सत्र (2026-27) यानी एक अप्रैल से पहले निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत 279 निर्धन व गरीब परिवार के बच्चों का नामांकन लेंगे. उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देश बाद शिक्षा विभाग ने तैयारी की है. सबसे अधिक बरकट्ठा प्रखंड में डिवाइन पब्लिक स्कूल गंगपाचो, चौपारण प्रखंड में सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक स्कूल बहेरा, शहरी क्षेत्र में नेशनल पब्लिक स्कूल और इचाक प्रखंड के चैंपियन बेसिक अकैडमी चार जगहों पर 20-20 बच्चों का नामांकन लिया जायेगा. वहीं, सबसे कम डाडी प्रखंड के डीएवी पब्लिक स्कूल गिद्दी-ए में सिर्फ पांच बच्चों का नामांकन होगा. सभी नामांकन प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जारी वेबसाइट www.rtehazaribagh.in पर आवेदक ऑनलाइन आवेदन करेंगे. इसकी तिथि 14 मार्च तक निर्धारित है. शुरूआत 20 फरवरी से की गई है.
कहां कितना होगा नामांकन
- बरही डीएवी पब्लिक स्कूल, नर्सरी: 10
- बड़कागांव डीएवी पब्लिक स्कूल उरीमारी, एलकेजी: 08
- बरकट्ठा डिवाइन पब्लिक स्कूल गंगपाचो, क्लास वन: 20
- चौपारण सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक स्कूल बहेरा, क्लास वन: 20
- शहरी क्षेत्र दिल्ली पब्लिक स्कूल क्लास वन: 15
- शहरी क्षेत्र जैक एंड जिल स्कूल सिंघानी, नर्सरी: 10
- शहरी क्षेत्र लॉर्ड कृष्णा स्कूल अमृतनगर, क्लास वन: 10
- शहरी क्षेत्र संत पॉल स्कूल, क्लास वन: 10
- शहरी क्षेत्र सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कुम्हारटोली, क्लास वन: 10
- शहरी क्षेत्र नेशनल पब्लिक स्कूल, क्लास वन: 20
- शहरी क्षेत्र संत स्टेफन स्कूल, क्लास वन: 15
- शहरी क्षेत्र श्री रामकृष्ण शारदा मठ एंड मिशन, नर्सरी: 12
- शहरी क्षेत्र माउंट एग्माउंट स्कूल, एलकेजी: 15
- शहरी क्षेत्र डीएवी पब्लिक स्कूल, नर्सरी: 15
- शहरी क्षेत्र नमन विद्या, नर्सरी: 07
- शहरी क्षेत्र रोजबड स्कूल, एलकेजी: 07
- शहरी क्षेत्र ओएसिस स्कूल हजारीबाग, नर्सरी: 10
- शहरी क्षेत्र न्यू हजारीबाग पब्लिक स्कूल हूपाद, नर्सरी: 10
- इचाक चैंपियन बेसिक अकैडमी, क्लास वन: 20
- कटकमदाग एंजेलस हाई स्कूल सिरसी, एलकेजी: 10
- कटकमदाग दिल्ली पब्लिक स्कूल शंकरपुर, एलकेजी: 10
- कटकमसांडी संत अगस्टिन हाई स्कूल कंचनपूर, क्लास वन: 10
- डाडी डीएवी पब्लिक स्कूल गिद्दी, ए-नर्सरी: 05
आरटीई क्या है?
निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत प्राइवेट स्कूल संचालकों को अपने स्कूली क्षेत्र के आसपास (एक से छह किलोमीटर के भीतर) रहने वाले अभिवंचित समूह मसलन गरीब-निर्धन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक समुदाय, विकलांग, अनाथ, एवं कमजोर वर्ग से जुड़े परिवार के बच्चों का नामांकन लेना अनिवार्य किया गया है. इसमें एक स्कूल को अपने-अपने शुरूआती कक्षा में निर्धारित सीटों पर 25 प्रतिशत नामांकन आरटीई से लेना सुनिश्चित है. इस ओर सरकारी आदेश-निर्देश की अवहेलना करने पर दोषी प्राइवेट स्कूल संचालकों पर शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई का प्रावधान है।
नामांकन में लगेंगे ये दस्तावेज
नामांकन फॉर्म भरने में बच्चों के अभिभावक अपने पते (एड्रेस) के लिए अपने-अपने आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस एवं बिजली बिल दे सकते हैं. अभिवंचित एवं कमजोर वर्ग परिवार की मान्यता के लिए अभिभावकों का जाति प्रमाण पत्र लगेगा. वहीं, विकलांग बच्चे चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत विकलांग प्रमाण पत्र और अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत आय प्रमाण पत्र जमा करेंगे. नर्सरी एवं एलकेजी दोनों में नामांकन के लिए उम्र सीमा न्यूनतम तीन वर्ष 6 माह और अधिकतम चार वर्ष 6 माह है. इसी तरह कक्षा एक में नामांकन के लिए उम्र सीमा पांच वर्ष 6 माह से अधिक और सात वर्ष से कम निर्धारित है. उम्र सीमा की गणना 31 मार्च 2026 होगी.
जिले में कड़ाई से होगा नियमों का पालन
हजारीबाग के डीएसई आकाश कुमार ने कहा कि जिले में आरटीई का कड़ाई से पालन किया गया है. निश्चित समय पर बच्चों के नामांकन को लेकर प्रक्रिया तेज है. इसमें सहयोग नहीं करने वाले प्राइवेट स्कूल दोषी होंगे. ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर उनके संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई होगी. नामांकन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए संबंधित प्रखंड एवं शहरी क्षेत्र दोनों जगहों पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) को जवाबदेह बनाया गया है. जमा आवेदनों की स्क्रुटनी व चयन प्रक्रिया को लेकर टीम गठित है. इसमें शिक्षा पदाधिकारी के अलावा झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय के कुछ कर्मी शामिल है.
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आय प्रमाण पत्र के पेच में अभिभावक परेशान
नामांकन प्रक्रिया में अभिभावकों को आय प्रमाण पत्र देना है. सभी स्रोतों को मिलाकर वार्षिक आय 72,000 निर्धारित किया गया है. करीब 10 साल पहले अंचल अधिकारी कार्यालयों से 72,000 से जुड़े आय प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा था. इधर वर्तमान समय विभिन्न अंचल कार्यालयों से 72,000 के आय प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं. एक लाख से अधिक का आय प्रमाण पत्र जारी हो रहा है. इसमें कई अभिभावक परेशान हैं. वहीं, शिक्षा अधिकारी कानूनी बातों का हवाला देने में जुटे हैं. कुछ आवेदकों ने इस ओर उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है.
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