हजारीबाग: नगर निगम क्षेत्र में पिछले चार दिनों से कचरा उठाव का काम बंद है. इसके कारण शहर की सड़कों, गलियों और चौक-चौराहों पर कचरे का अंबार लगा हुआ है. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत काम करने वाली गुरु रामदास कंपनी ने डोर टू डोर कचरा उठाव बंद कर दिया है. इससे निगम क्षेत्र के करीब 42 हजार होल्डिंगधारी कचरे की बदबू से परेशान हैं. डेली मार्केट में कचरे का ढेर करीब चार फीट तक जमा हो गया है. तीज पर्व की खरीदारी करने पहुंच रहे लोगों को भी कचरे के बीच से गुजरना पड़ रहा है.
सड़कों पर लगे डस्टबीन भी लबालब भरे हैं. शहर में डोर टू डोर कचरा उठाव के लिए 56 टीपर, दो कंपेक्टर मशीन, दो डंपर प्लेसर, 11 ट्रैक्टर, छह जेसीबी और दो बॉबकेट मशीन लगायी जाती हैं. लेकिन चार दिनों से सभी मशीनें और वाहन बंद हैं.
डंपिंग यार्ड में कचरा गिराने से ग्रामीणों ने रोका
नगर निगम क्षेत्र से उठाये गये कचरे को मंडई डंपिंग यार्ड में गिराया जाता है. जमा कचरे के निष्पादन के लिए गुरु रामदास एजेंसी को मशीन लगानी थी, लेकिन अब तक मशीन नहीं लगायी गयी है. इससे डंपिंग यार्ड में कचरे का ढेर लगा हुआ है. बारिश के बाद कचरे से बदबू फैलने से आसपास के ग्रामीण परेशान हैं. इसी वजह से स्थानीय लोगों ने डंपिंग यार्ड में कचरा गिराने से रोक दिया है. इसके कारण कचरा ले जाने वाले वाहन डंपिंग यार्ड तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.
वार्ड छह के पार्षद नितेश कुमार वर्मा ने बताया कि घरों से कचरा उठाव नहीं हो रहा है और सफाई एजेंसी ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है. इससे मुहल्लों में जगह-जगह गंदगी का ढेर लग गया है. वार्ड 13 के पार्षद विकास यादव ने कहा कि घर-घर से कूड़ा नहीं उठने के कारण लोग सड़कों पर गंदगी फेंकने लगे हैं. वार्ड 17 के पार्षद कुणाल चौरसिया ने कहा कि सफाई एजेंसी ठीक से काम नहीं कर रही है. वार्ड में दो टीपर मिले हैं, जिसमें एक खराब है. एक टीपर से डोर टू डोर कचरा उठाव संभव नहीं है. वार्ड 12 की पार्षद निशा सिन्हा ने बताया कि कचरा उठाव नहीं होने से गली-मुहल्ले कचरे से पटे हैं. वार्ड 33 की पार्षद मुन्नी देवी ने कहा कि खिरगांव से यशवंत नगर, सिरसी और डामोडीह तक फैले बड़े वार्ड में मात्र एक टीपर से सफाई कार्य नहीं हो पाता है. इसके बाद भी चार दिनों से कचरा उठाव बंद है.
महापौर ने जीआरएस कंपनी को बताया जिम्मेदार
महापौर अरविंद कुमार ने बताया कि समस्या जीआरएस कंपनी की लापरवाही से बनी है. शीघ्र समाधान नहीं होने पर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने की पहल की जायेगी. उन्होंने कहा कि अप्रैल में भी स्थानीय लोगों ने कचरा गिराने पर रोक लगायी थी. उस समय निगम की पहल पर समस्या का समाधान हुआ था. ग्रामीणों की मांग थी कि पहले कचरा निस्तारण प्लांट लगाया जाये, रास्ते पर लाइट और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव हो तथा स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाये. कंपनी ने इन मांगों पर अमल नहीं किया, जिसके कारण ग्रामीणों ने फिर कचरा गिराने पर रोक लगा दी है.
