हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में पांच प्रखंड के 32 आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपेयरिंग के लिए 19 से 21 जनवरी 2026 के बीच टेंडर निकाले गए. करीब 2.5 करोड़ रुपये की लागत से आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपेयरिंग का ठेका भी दे दिया गया. लेकिन, अब टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर ही सवाल उठाए जा रहे हैं. नियम के तहत टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं होने पर कई ठेकेदारों ने ही गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
नियमों के उल्लंघन का आरोप, जांच की मांग तेज
ठेकेदारों का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया. बताया जा रहा है कि 19 से 21 जनवरी के बीच कलेक्टरेट के दूसरे तले पर एनआरईपी ऑफिस में बड़ी संख्या में ठेकेदार पहुंचे थे. इस दौरान कई ठेकेदारों से नियम से अधिक कागजात मांगे गए और उन्हें तकनीकी आधार पर बाहर कर दिया गया. आरोप है कि देर शाम चहेते ठेकेदारों को कार्य आवंटित कर दिया गया, जिससे विभाग को संभावित राजस्व हानि भी हुई है. अधिकांश ठेकेदारों ने पूरे मामले की हाई लेवल जांच की मांग की है.
पांच प्रखंडों में होगी 32 केंद्रों की रिपेयरिंग
हजारीबाग के सदर, केरेडारी, चुरचू, बड़कागांव और विष्णुगढ़ प्रखंडों में कुल 32 आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपेयरिंग की जानी है. सबसे अधिक 14 आंगनबाड़ी केंद्र केरेडारी प्रखंड में चिह्नित किए गए हैं. सदर, चुरचू और बड़कागांव में पांच-पांच और विष्णुगढ़ प्रखंड में तीन आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपेयरिंग होगी.
डीप बोरिंग, बिजली और रंग-रोपण भी शामिल
रिपेयरिंग कार्य के तहत जरूरत के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों में डीप बोरिंग कराई जाएगी. अधिकांश केंद्रों में पेयजल सुविधा, बिजली कनेक्शन, बिल्डिंग रिपेयरिंग और रंग-रोगन भी किया जाएगा, ताकि केंद्रों को नया लुक दिया जा सके. एक आंगनबाड़ी केंद्र की रिपेयरिंग पर औसतन करीब छह लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है. सभी 32 केंद्रों पर कुल लगभग 2.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. यह पैसा केंद्र और राज्य सरकार की ज्वाइंट स्कीम के तहत मंजूर की गई है.
क्या कहते हैं एनआरईपी के कार्यपालक अभियंता
हजारीबाग एनआरईपी के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने कहा कि जिले में 32 आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपेयरिंग के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को पूरा कराने की जिम्मेदारी कनिय अभियंता रत्नेश कुमार को दी गई थी. ठेकेदारेां की ओर से मिली शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है.
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जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बाद पूरे मामले में प्रशासनिक जांच की मांग तेज हो गई है. ठेकेदारेां का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे हाई लेवल तक शिकायत करेंगे. अब देखना यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है और निविदा प्रक्रिया पर लगे आरोपों की सच्चाई क्या सामने आती है.
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