चौपारण में SIR को लेकर विवाद, 190 नाम फॉर्म-7 में दर्ज होने पर उठे सवाल

चौपारण में 190 लोगों के नाम फॉर्म सात में आने से हड़कंप मच गया है. ग्रामीणों ने इसे साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.

चौपारण (हजारीबाग). ताजपुर पंचायत में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर मामला सामने आया है. पंचायत के करीब 190 लोगों के नाम फॉर्म-7 में दर्ज किये जाने के बाद स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि इन नामों को मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है.

बीएलओ को दिया गया फॉर्म-7

बताया गया कि पंचायत की बीएलओ सहजादी खातून को फॉर्म-7 दिया गया है. पंकज वर्णवाल और रवि विश्वकर्मा की ओर से दिये गये आवेदन में संबंधित लोगों का पूरा विवरण दर्ज होने की बात कही गयी है. ग्रामीणों के अनुसार, आवेदन पर बीएलओ से हस्ताक्षर कराने का भी प्रयास किया गया. आवेदन में बीएलओ के परिवार के सदस्यों के नाम के साथ पूर्व मुखिया शौकत खान उर्फ भुट्टू का नाम भी शामिल होने की बात सामने आयी है.

प्रक्रिया की निष्पक्षता पर ग्रामीणों ने उठाये सवाल

फॉर्म-7 में एक विशेष समुदाय से जुड़े लोगों के नाम शामिल किये जाने को लेकर संबंधित लोगों में नाराजगी है. ग्रामीणों ने पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें निशाना बनाकर मतदाता सूची से नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

पूर्व विधायक ने डीसी से जांच की मांग की

मामले को लेकर पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने डीसी से निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाये जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इनमें ऐसे मतदाता भी शामिल हैं, जिन्होंने वर्ष 2003 में मतदान किया था.

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ग्रामीणों ने की दोबारा जांच की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, फॉर्म-7 में दर्ज सभी नामों का दोबारा सत्यापन करने और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाने की मांग की है.

सीओ बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

चौपारण सीओ संजय यादव ने कहा कि फिलहाल दावा-आपत्ति का कार्य चल रहा है. किसी के कहने मात्र से मतदाता सूची में किसी का नाम न तो जोड़ा जायेगा और न ही हटाया जायेगा. मामला संज्ञान में आया है. जांच के बाद निर्वाचन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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By अजय कुमार

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