शंकर प्रसाद, हजारीबाग. 15 वर्ष पूर्व 1.10 करोड़ की लागत से बने भवन की मरम्मत पर 1.66 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं. विकास कार्य के नाम पर यह लूट भवन प्रमंडल विभाग से की जा रही है. सदर प्रखंड के डेमोटांड़ भूमि संरक्षण अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में भवन प्रमंडल विभाग से वर्ष 2008-09 में कार्यालय भवन निर्माण पर 1.10 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे. यह निर्माण कार्य वर्ष 2010 में पूरा किया गया था. यह बहुउद्देश्यीय दो मंजिला भवन 15 वर्षों में ही पूरी तरह से जर्जर हो गया. इसी जर्जर भवन का भवन प्रमंडल विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में मरम्मत कार्य किया जा रहा है. भवन प्रमंडल विभाग ने इस भवन के निर्माण में जितनी राशि खर्च की है, उससे 56 लाख अधिक राशि इसके मरम्मत कार्य पर कर रही है. विभाग के इस आदेश से लोग हतप्रभ हैं.
सहायक अभियंता बोले, भवन काफी जर्जर था
भवन प्रमंडल के सहायक अभियंता सचिन अग्रवाल ने कहा कि इस भवन का मरम्मत कार्य 15 वर्ष में ही किया जा रहा है. इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. भूमि संरक्षण अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में जिस भवन का मरम्मत कार्य चल रही है, वह काफी जर्जर स्थिति में था. मरम्मत का कार्य चालू वित्त वर्ष 2025-26 में पूरा कर लिया जाना था, लेकिन विभागीय प्रक्रिया के कारण कार्य पूरा नहीं हो पाया है. उन्होंने बताया कि भवन में छत की मरम्मत, अधिकारियों के चेंबर, प्रशिक्षण हॉल, इंटीरियर डिजाइनिंग, शौचालय, किचन, सेप्टिक टैंक समेत कई कार्य कराये जा रहे हैं. इस संबंध में कार्यपालक अभियंता अतुल अग्रवाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.
