हजारीबाग. शहर से लापता दो भाई-बहन की हत्या मामले के आरोपी को पुलिस ने दो दिन के अंदर गिरफ्तार कर लिया. आरोपी संजीत पासवान कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर गांव का रहनेवाला है. वह दूसरे राज्य भागने की फिराक में था. पुलिस ने संजीत को बुधवार की सुबह बस स्टैंड से गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने तमन्ना परवीन और उसके भाई मो रिजवान की हत्या की बात कबूल की है. इसके बाद पुलिस उसे समाहरणालय से पैदल मार्च कराते हुए व्यवहार न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए लिए ले गयी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी अमन कुमार ने कहा कि आरोपी ने दोनों मासूम भाई-बहन की हत्या की बात स्वीकार की है. उसने पूछताछ में खुलासा किया कि 27 मई की शाम दोनों भाई-बहन को इंद्रपुरी नवाबगंज मार्ग में ओला शोरूम के पास मोबाइल दिलाने व घुमाने के बहाने अपनी स्कूटी पर बैठा कर ले गया था. इससे पहले आरोपी दोनों को बस स्टैंड व उसके बाद नगवां हवाई अड्डा ले गया था. अंधेरा होने के बाद आरोपी दोनों को लेकर सिंदूर श्मशान घाट पहुंचा. वहां उसने तमन्ना परवीन के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया, लेकिन उसके विरोध व हो-हल्ला करने पर डर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. साक्ष्य छुपाने के लिए शव को श्मशान घाट के समीप नाला में फेंक दिया. वहीं घटना को देख रो रहे तीन वर्षीय रिजवान की भी गला घोंटकर हत्या कर दी. शव को बोरा में भरकर श्मशान घाट के समीप कुआं में डाल दिया.
दूसरे राज्य भागने की फिराक में था आरोपी
एसपी ने बताया कि आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए हजारीबाग से बाहर किसी दूसरे राज्य में भागने के फिराक मे था. इसकी जानकारी पुलिस को मिली. जिसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए बस स्टैंड समेत सभी मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी. इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी हजारीबाग बस स्टैंड पहुंचा है. पुलिस ने सादे लिबास में बस स्टैंड के आसपास घेराबंदी की. सादे लिबास में पुलिसकर्मी कई बसों में बैठ गये. इसी बीच एक बस में जैसे ही आरोपी संजीत पासवान चढ़ा, तो पहले से बैठे पुलिस अधिकारियों ने उसे दबोच लिया.
27 मई की शाम से लापता थे दोनों भाई-बहन
27 मई की शाम करीब चार बजे से तमन्ना परवीन व उसका भाई मो रिजवान लापता थे. 31 मई को तमन्ना का शव सिंदूर श्मशान घाट के नाला में मिला था. इसके दूसरे दिन एक जून को तीन वर्षीय रिजवान का शव सिंदूर श्मशान घाट से कुछ दूर स्थित एक कुआं में मिला था. इन बच्चों का परिवार कटकमदाग के कूद गांव में किराये के मकान में रहता है. यूपी का रहनेवाला यह परिवार हजारीबाग में खिलौना बेचकर जीविकोपार्जन करता है.
