गुलाम ने कहा था, सेवई और टोपी लेकर लौटूंगा अब्बा
जीजा और साले की मौत के बाद गांव में मचा कोहराम
हजारीबाग : लाखे गांव में रमजान की आखिरी नमाज के बाद लोगों ने चांद देखा और ईद मनाने की तैयारी में जुट चुके थे. पूरे गांव में ईद मुबारकबाद का दौर चल ही रहा था कि आधी रात अचानक एक सूचना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया. ईद की तैयारी धरी रह गयी, गांव में कोहराम मच गया. जैसे ही लोगों को सूचना मिली कि साजिद कमाल (38) और उसके साले गुलाम रब्बानी को बस ने चपेट में ले लिया, सभी लोग भागते हुए पहुंचे.
दोनों को आनन फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया. स्थित गंभीर देख चिकित्सकों ने दोनों को रांची रेफर कर दिया, लेकिन रांची ले जाने के क्रम में दोनों ने रास्ते में दम तोड़ दिया. साजिद कमाल राजकीय मध्य विद्यालय औरिया में पारा शिक्षक थे, जबकि गुलाम रब्बानी संत कोलंबा कॉलेज में बीए की पढ़ाई के साथ सिलाई का काम करता था, जिससे घर का भरण पोषण होता था.
