भारत में बीएससी व एमएससी एग्रीकल्चर जैसे कोर्स वरदान

कृषि वैज्ञानिकों से लिया प्रायोगिक ज्ञान हजारीबाग : आइसेक्ट विवि हजारीबाग में चलाये जा रहे बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स के द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने कृषि के तकनीकी बारीकियों को जानने के लिए मासीपीढ़ी स्थित सेंट्रल रेनफेड अपलैंड राइस रिसर्च स्टेशन का भ्रमण किया. इसका नेतृत्व कृषि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अरविंद कुमार ने […]

कृषि वैज्ञानिकों से लिया प्रायोगिक ज्ञान

हजारीबाग : आइसेक्ट विवि हजारीबाग में चलाये जा रहे बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स के द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने कृषि के तकनीकी बारीकियों को जानने के लिए मासीपीढ़ी स्थित सेंट्रल रेनफेड अपलैंड राइस रिसर्च स्टेशन का भ्रमण किया. इसका नेतृत्व कृषि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अरविंद कुमार ने किया.
रिसर्च स्टेशन में विद्यार्थियों ने प्लांट टिश्यू कल्चर, एंब्रियो कल्चर, इन विट्रो कल्चर व पीसीआर जैसे तकनीक वाली मशीनों को देखा. स्टेशन के डॉ दीपांकर मैथी, डॉ सोमनाथ राय, जितेंद्र कुमार व विवि सहायक अध्यापक आकाश कुमार की देख-रेख में इन मशीनों का प्रयोग भी किया.
विद्यार्थियों ने बताया कि इस तरह के भ्रमण से जहां एक ओर कृषि विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ती है. वहीं कई नयी जानकारियां प्राप्त होती है. उन्होंने बताया कि धान संस्थान के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सहनीय चावल व रोग मुक्त चावल उत्पादन की तकनीक जानने का मौका मिला, जो वर्तमान समय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
विवि के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए बीएससी एग्रीकल्चर व एमएससी एग्रीकल्चर जैसे कोर्स वरदान की तरह है. इस कोर्स को पूरा करने के बाद विद्यार्थियों के पास रोजगार के बहुत सारे अवसर मिल जाते है. कृषि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में देश के लिए कृषि विज्ञान का कोर्स महत्वपूर्ण है.
इस कोर्स के तहत जैव विज्ञान तकनीक, कृषि व विज्ञान तकनीक, फसल उत्पादन तकनीक, पशुपालन विधि, मत्स्य पालन व भूमि परीक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन किया जाता है. मौके पर कृषि विभाग की शिक्षिका नेहा टोपो, क्रिस्टीना मिंज, डॉ नीलांजना चौधरी सहित कृषि विभाग के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं व विद्यार्थी मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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