हीरू जलाशय का मरम्मत कार्य पूरा नहीं पांच हजार हेक्टेयर जमीन खेती से वंचित, चार वर्ष बाद भी काम पूरा नहीं हुआ

हजारीबाग : चार वर्ष बाद भी चतरा हीरू जलाशय योजना का मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो पाया. मरम्मत कार्य होने से इस जलाशय से किसानों के पांच हजार हेक्टेयर जमीन पर खेती होती, लेकिन किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाया. मरम्मत कार्य पूरा होने से किसान खुशहाल जीवन व्यतीत करते. कम से कम […]

हजारीबाग : चार वर्ष बाद भी चतरा हीरू जलाशय योजना का मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो पाया. मरम्मत कार्य होने से इस जलाशय से किसानों के पांच हजार हेक्टेयर जमीन पर खेती होती, लेकिन किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाया. मरम्मत कार्य पूरा होने से किसान खुशहाल जीवन व्यतीत करते. कम से कम दो से तीन फसल उगा पाते. इससे तंग आकर चतरा की ग्रामीण जनता ने यह मामला मुख्यमंत्री जनसंवाद में दिया.
किस कंस्ट्रक्शन ��ो मिला था काम : जल पथ प्रमंडल हजारीबाग से छोटे लाल कंशट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को काम मिला. यह काम मई 2015 में शुरू हुआ था. कार्य करने की अंतिम तिथि मई 2016 थी. योजना तीन करोड़ 91 लाख की लागत से होनी थी. संविदा के अनुसार हीरू जलाशय का साफ-सफाई के अलावा नहर निर्माण, पानी निकासी दवार एवं फाटक की मरम्मत करनी था. इसके बनने से किसानों को काफी फायदा होता.
एजेंसी से स्पष्टीकरण : जल पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता बी मंडल ने बताया कि समय पर कार्य को पूरा नहीं करने पर एजेंसी छोटे लाल कंशट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड से स्पष्टीकण पूछा गया है.
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता मनीलाल पिंगुआ ने कहा कि ऐजेंसी छोटे लाल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को काली सूची में डाला जायेगा. इसके लिए सरकार को पत्र भेजा गया है.
इधर संवेदक छोटे लाल ने विभाग को 15 अक्तूबर, 2018 से कार्य शुरू करने की बात कही है. लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं किया है.

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