गुमला के इस बूथ पर ग्रामीणों ने किया वोट बहिष्कार, सीओ की एक न सुनी

Vote Bycott in Gumla: झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुमला के बूथ पर ग्रामीणों ने वोट का बहिष्कार कर दिया. सीओ और थाना प्रभारी उन्हें मनाने में नाकाम रहे.

Vote Bycott in Gumla|झारखंड के गुमला विधानसभा क्षेत्र के चुगलू, पड़की टोली और सकरपुर के ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया. सुबह 10:00 बजे तक बूथ संख्या 139 पर चुगलू और पड़की टोली के ग्रामीणों ने एक भी मत नहीं डाला. जैसे ही प्रशासन को इसकी खबर मिली, अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए.

सड़क और पुल-पुलिया के मुद्दे पर वोट का बहिष्कार

उपायुक्त के निर्देश पर अंचल अधिकारी वहां पहुंचे. उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि जब तक उनके इलाके में सड़क और पुल-पुलिया नहीं बन जाते, वे वोट नहीं करेंगे. एकजुट होकर ग्रामीण लंबे समय से इस मुद्दे पर प्रशासन से अपील कर रहे थे. लेकिन, उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था. इससे ग्रामीण नाराज थे.

डीसी से मिलकर लोगों ने कहा था- करेंगे वोट बहिष्कार

चुनाव से पहले गुमला के उपायुक्त से मिलकर उन्होंने कहा था कि अगर उनके इलाके में विकास कार्य पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में वोट बहिष्कार करेंगे. ग्रामीणों के वोट बहिष्कार की खबर अखबार में भी छपी थी. खबर छपने के बाद जिला प्रशासन के आला अधिकारी वोट के पहले गांव पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हुआ.

सीओ और थाना प्रभारी की ग्रामीणों ने एक न सुनी

मतदान के दिन जब ग्रामीण गोलबंद हो गए और वोट डालने से इंकार कर दिया, तो जिला प्रशासन के कान खड़े हुए. उपायुक्त के आदेश पर तत्काल सीओ गुमला हरीश कुमार और थाना प्रभारी गुमला सुरेंद्र कुमार चुगलू गांव पहुंचे. बूथ संख्या-139 का निरीक्षण किया. ग्रामीणों को समझाना शुरू किया. लेकिन, ग्रामीणों ने किसी की नहीं सुनी.

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डीसी ने सीओ से कहा- लिखित आश्वासन दें, वोट शुरू करवाएं

सीओ ने ग्रामीणों की उपायुक्त से फोन पर बात करवाई. फोन पर उपायुक्त ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या का शीघ्र निदान होगा, लेकिन ग्रामीण इस बात पर अड़ गए कि डीसी उन्हें लिखित आश्वासन दें. उपायुक्त ने सीओ से कहा कि वह ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दें और मतदान शुरू करवाएं. सुबह 10 बजे तक शक्रपुर के ग्रामीणों के आलावा इस बूथ पर दूसरे गांवो के लोगों ने वोट डालना शुरू नहीं किया था.

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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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