गुमला में शौच के लिए घर से बाहर निकले बुजुर्ग को हाथी ने कुचला, मौके पर मौत

झारखंड के भरनो प्रखंड के महूगांव में जंगली हाथी के हमले से एक वृद्ध की मौत हो गई. गांव में दहशत का माहौल है, वन विभाग ने मुआवजे का आश्वासन दिया है.

भरनो (गुमला): भरनो प्रखंड के मारासिली पंचायत अंतर्गत महूगांव के टंगरा टोली में बुधवार की अहले सुबह जंगली हाथी ने एक वृद्ध को कुचलकर मार डाला. मृतक की पहचान शानी उरांव (60 वर्ष) के रूप में हुई है. घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है.

जानकारी के अनुसार, शानी उरांव सुबह करीब पांच बजे शौच के लिए घर से कुछ दूर झाड़ियों की ओर गए थे. इसी दौरान झाड़ियों से अचानक एक जंगली हाथी निकल आया और उन्हें कुचल दिया. हाथी के हमले में शानी उरांव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

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सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई. ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी. सूचना मिलने पर भरनो थाना की पुलिस और बसिया वन क्षेत्र के वनपाल शेखर सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, गुमला भेज दिया.

परिजनों को मिलेगा मुआवजा

वनपाल शेखर सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों को मुआवजे की अग्रिम राशि के रूप में एक लाख रुपये का चेक दिया जायेगा. शेष मुआवजा राशि संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपलब्ध करायी जाएगी. घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली हाथी को क्षेत्र से दूर भगाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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