मुस्लिम थाना प्रभारी ने कराया मंदिर का निर्माण,सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश

गुमला के पुसो थाना प्रभारी मोहम्मद जहांगीर खान ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए वर्षों से अधूरे पड़े हनुमान मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कराया है।

गुमला: झारखंड के गुमला जिले के पुसो थाना परिसर में सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है. पुसो थाना प्रभारी मोहम्मद जहांगीर खान ने वर्षों से अधूरे पड़े हनुमान मंदिर के निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराकर भाईचारे और आपसी विश्वास का संदेश दिया है. उनकी इस पहल की क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों ने भी सराहना की है.

मंदिर लंबे समय तक अधूरा पड़ा था

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में तत्कालीन थाना प्रभारी हिमांशु शेखर सिंह ने थाना परिसर में हनुमान मंदिर की आधारशिला रखी थी. मंदिर का निर्माण लिंटल स्तर तक पहुंच चुका था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद निर्माण कार्य रुक गया. इसके बाद मंदिर लंबे समय तक अधूरा पड़ा रहा.

धार्मिक सौहार्द का सकारात्मक

वर्ष 2025 में पुसो थाना का प्रभार संभालने के बाद थाना प्रभारी मोहम्मद जहांगीर खान ने मंदिर निर्माण को फिर से शुरू कराने की पहल की. उनके प्रयास से निर्माण कार्य दोबारा गति पकड़ चुका है. इस कार्य में थाना के पुलिसकर्मी भी सहयोग कर रहे हैं. साथ ही स्थानीय लोगों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है. लोगों का कहना है कि यह पहल सामाजिक एकता और धार्मिक सौहार्द का सकारात्मक संदेश देती है.

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सभी धर्मों का सम्मान गंगा-जमुनी तहजीब

थाना प्रभारी मोहम्मद जहांगीर खान ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं है. समाज में विश्वास, भाईचारा और सौहार्द का माहौल बनाना भी पुलिस का दायित्व है. उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना हमारी साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है. यही भावना समाज को मजबूत बनाती है.

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आपसी विश्वास और सद्भाव होंगें मजबूत

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पहल से यह संदेश गया है कि धर्म से ऊपर इंसानियत और सामाजिक एकता का महत्व है. लोगों ने उम्मीद जताई कि ऐसे प्रयास समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव को और मजबूत करेंगे. थाना प्रभारी की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे सांप्रदायिक सौहार्द का प्रेरक उदाहरण मान रहे हैं.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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