गुमला: शहर की जर्जर सड़कों की मरम्मत के नाम पर की गयी खानापूर्ति ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिये हैं. कई स्थानों पर लाखों रुपये खर्च कर सड़क की मरम्मत करायी गयी, लेकिन अगले ही दिन सड़कें फिर गड्ढों और जलजमाव में तब्दील हो गयीं.
लोगों का कहना है कि सड़क मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकता निभायी गयी, जबकि अब उसकी परेशानी आम जनता को झेलनी पड़ रही है. शहर की कई मुख्य सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं. जगह-जगह एक से दो फीट गहरे गड्ढों में पानी भरा हुआ है, जिससे राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
लोगों की शिकायत के बाद नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव व उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने जर्जर सड़कों का निरीक्षण किया. उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की जानकारी ली और सड़क की स्थिति पर चिंता जतायी. दोनों जनप्रतिनिधियों ने मरम्मत कार्य में बरती गयी लापरवाही पर भी सवाल उठाये.
डीएसपी रोड पर मरम्मत के बाद भी स्थिति जस की तस
रानी सती मंदिर के समीप डीएसपी रोड की हाल ही में मरम्मत करायी गयी थी. हालांकि सड़क के कई क्षतिग्रस्त हिस्सों को छोड़ दिया गया, जिससे वहां अब भी जलजमाव है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अधूरी मरम्मत के कारण समस्या पहले जैसी ही बनी हुई है.
श्रीबड़ा दुर्गा मंदिर के पास एक दिन भी नहीं टिक सकी सड़क
श्रीबड़ा दुर्गा मंदिर के समीप तीन दिन पहले रात में सड़क की मरम्मत की गयी. लोगों के अनुसार रात करीब 11 बजे आनन-फानन में काम किया गया, लेकिन अगले ही दिन सड़क उखड़ गयी और वहां पानी भर गया. लोगों ने नप से गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है.
टंगरा स्कूल के पास सड़क बनी तालाब
एनएच-78 से सटे टंगरा स्कूल के समीप सड़क जलमग्न है. सड़क पर डेढ़ फीट गड्ढा हो गया है, जिसमें पानी जमा होने से दुकानदार व राहगीर परेशान हैं. बीते सोमवार को लोगों ने पानी निकासी का प्रयास किया, लेकिन नाली नहीं होने से पानी नहीं निकला. लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की है.
नप अध्यक्ष ने कहा
नप अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने बताया कि हाल ही में हुई बोर्ड की बैठक में डीएसपी रोड के निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है. बरसात समाप्त होने के बाद नयी सड़क का निर्माण कराया जायेगा, ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके.
नप उपाध्यक्ष ने कहा
नप उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने कहा कि नयी सड़क बनने तक जर्जर सड़कों पर मिट्टी और मोरम डालकर अस्थायी तौर पर मरम्मत करायी जायेगी, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन करने में कम परेशानी हो.
