Ram Navami 2025: गुमला में पहली बार 1932 में मशाल जलाकर निकाला गया था जुलूस

Ram Navami 2025 in Gumla: गुमला जिले में 1932 में ही रामनवमी जुलूस की शुरुआत हो गयी थी. उस समय बिजली नहीं थी, तो मशाल जलाकर जुलूस निकाला जाता था. पेट्रोमेक्स की रोशनी में अखाड़े में करतब दिखाते थे. आज इसका स्वरूप बदल चुका है. बड़े पैमाने पर रामनवमी का आयोजन होता है.

Ram Navami 2025| गुमला, जगरनाथ : रामभक्त हनुमान की जन्मस्थली गुमला में रामनवमी पर्व पर जुलूस का अपना गौरवमयी इतिहास है. 93 साल पहले जिस रामनवमी जुलूस की शुरुआत हुई थी, आज वह विशाल रूप ले चुका है. गुमला शहर में वर्ष 1932 में पहली बार रामनवमी महोत्सव पर जुलूस निकाला गया था. गुमला जिले में रामनवमी की शुरुआत की अलग कहानी है. गुमला उस समय छोटा कसबा था. तलवार, लाठी, डंडा और भाला नहीं होते थे. लकड़ी से गदा बनाकर लोग निकलते थे. गदा से ही जुलूस में करतब दिखाये जाते थे. हनुमान की जन्मस्थली होने के कारण अधिकांश लोग हनुमान का रूप धरकर निकलते थे. बिजली नहीं थी. मशाल की रोशनी में जुलूस निकलता था.

पेट्रोमेक्स की रोशनी में खेल दिखाते थे पहलवान

खेल का प्रदर्शन पेट्रोमेक्स की रोशनी में होता था. अखाड़े सजते थे. उसमें पहलवान लड़ते थे. गदा से लड़ाई होती थी. अभी जिस प्रकार कई अखाड़े हैं, उस समय एक ही अखाड़ा था. घाटो बगीचा स्थित मंदिर में अखाड़ा लगता था. आसपास के लोग वहीं जुटते थे. स्वर्गीय टोहन बाबू, स्वर्गीय मथुरा प्रसाद सिन्हा, स्वर्गीय फतेहचंद मंत्नी, स्वर्गीय छेदी केशरी, स्वर्गीय गयादत्त पांडेय, स्वर्गीय गंगा महाराज तिवारी, स्वर्गीय रघुवीर साहू ने गुमला में रामनवमी का जुलूस की शुरुआत की थी.

1964 में शुरू हुई झांकी निकालने की परंपरा

दलजीत गुप्ता, मंतु राम, महावीर राम, सीटू पासवान खेल का प्रदर्शन किया करते थे. ये लोग उस समय के जाने-माने खिलाड़ी थे. वर्ष 1964 से गुमला में झांकी निकालने की परंपरा शुरू हुई. झांकी निकालने में भी प्रतिस्पर्धा होती थी.

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गुमला में इस बार रामनवमी जुलूस का रूट

केंद्रीय महावीर मंडल समिति के सचिव सुमित चीनू साबू ने कहा है कि गुमला शहर में भव्य रामनवमी जुलूस निकाला जायेगा. इस वर्ष सभी क्लब के लोग पहले टावर चौक के पास जुटेंगे. यहां से जुलूस पालकोट रोड, स्टेट बैंक मोड़, घाटो बगीचा होते हुए सिसई रोड तालाब के पास पहुंचेगा. इसके बाद सिसई रोड से होते हुए टावर चौक, मेन रोड, महावीर चौक होते हुए लोहरदगा रोड में प्रवेश करेगा. यहां से थाना चौक होते हुए जुलूस पुन: टावर चौक के पास पहुंचकर संपन्न होगा.

जुलूस के लिए पुलिस ने कर ली तैयारी

रामनवमी को देखते हुए प्रशासन और गुमला पुलिस अलर्ट है. पूजा समितियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं. संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जगहों पर नजर रखी जा रही है. शांतिपूर्ण जुलूस के लिए प्रशासन प्रयासरत है. गुमला जिले के विभिन्न चौक-चौराहों, संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन तथा निजी कैमरे से विशेष निगरानी की व्यवस्था की जा रही है. जुलूस एवं अन्य स्थानों पर सादे लिबास में पुलिस की तैनाती की जायेगी, जो उपद्रवियों और शांति भंग करने वालों की निगरानी करेंगे.

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महावीरी झंडों से पटा गुमला जिला

गुमला जिले के सभी 12 प्रखंड महावीरी झंडों से पट गये हैं. गुमला शहर में भी चारों ओर झंडे लगाये गये हैं. गुमला में दर्जनों दुकानें सजी हैं, जहां महावीरी झंडा की बिक्री हो रही है. जिन अखाड़ों ने रामनवमी पर्व की तैयारी की है, उन अखाड़ों में शाम ढलते ही बाजे बजने लगते हैं. युवा अस्त्र-शस्त्र चलाने का अभ्यास भी कर रहे हैं.

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By Mithilesh Jha

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