अंजुमन इस्लामिया की नयी कमेटियों का गठन, जामा मस्जिद की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी तय

गुमला में अंजुमन इस्लामिया के चुनाव के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने जामा मस्जिद और गौसिया मोती मस्जिद में जनता का शुक्रिया अदा किया. जामा मस्जिद की व्यवस्था और आगामी कार्यों के लिए नई एडहॉक और तामीरी कमेटियों का गठन किया गया है.

गुमला. अंजुमन इस्लामिया गुमला के चुनाव में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने शुक्रवार को शहर की जामा मस्जिद और गौसिया मोती मस्जिद में आम एलान कर आवाम का शुक्रिया अदा किया. जामा मस्जिद में अंजुमन इस्लामिया के सदर इरफान अली और गौसिया मोती मस्जिद में नाजिम-ए-आला मोहम्मद रिजवान खलीफा ने लोगों को संबोधित कर चुनाव में सहयोग व समर्थन के लिए आभार जताया.

इसके बाद जामा मस्जिद में आवाम के साथ बैठक कर मस्जिद की व्यवस्था और आगामी कार्यों पर चर्चा की गयी. बैठक में जामा मस्जिद की एडहॉक कमेटी का गठन किया गया. अंजुमन इस्लामिया के सदर इरफान अली के आदेश व हस्ताक्षर से जारी सूची के अनुसार सादाब आलम को सदर और तहसीन आलम को सेक्रेटरी बनाया गया है. सदस्यों में हाजी तुफैल, हाजी शाहिद मेडिकल, नौशाद खलीफा, इम्तियाज आलम, निशार खान उर्फ मुन्ना चाय, मोहम्मद हुसैन उर्फ गुड्डन, अमजद हनीफ, रिजवान खलीफा, अशफाक आलम, अख्तर आलम, बब्लू मछली, सफदर आलम और फिरदौस आलम शामिल हैं.

जामा मस्जिद के निर्माण संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए तामीरी कमेटी का भी गठन किया गया है. इसमें मिन्हाज खान को सदर बनाया गया है. वहीं, मस्जिद में अनुशासन बनाये रखने के लिए गठित अनुशासन कमेटी में मोहम्मद इरफान उर्फ मुन्ना स्पोर्ट्स और मजहर अली को शामिल किया गया है. कमेटी गठन के बाद मस्जिद की व्यवस्था, निर्माण कार्य और अन्य जिम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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