गुमला से जगरनाथ पासवान की रिपोर्ट
Gumla News: नंदराम लोहरा. यह जाना पहचाना नाम है. 30 साल पहले आकाशवाणी में इनकी धाक थी. आकाशवाणी में नागपुरी लोकगीत प्रस्तुत करते थे. आकाशवाणी में जब इनका कार्यक्रम होता था, तो लोग इन्हें सुनने के लिए बेताब रहते थे. लेकिन, आज नंदराम लोहरा अपनी ही सरकारी पेंशन के लिए भटक रहे हैं.
बार-बार टरका रहा बैंक कैशियर
नंदराम लोहरा कहते हैं कि उनकी उम्र अब 90 साल हो गई है. वे किसी प्रकार लाठी के सहारे लड़खड़ाते बैंक जाते हैं. लेकिन बैंक के कैशियर ने उनकी पेंशन यह कहकर देने से इंकार कर देता है कि उनका हस्ताक्षर का मिलान नहीं हो रहा है. मायूस नंदराम लोहरा घंटों तक बैंक में बैठने के बाद वे वापस अपने गांव लौट जाते हैं.
तिलैडीह गांव में रहते हैं नंदराम लोहरा
नंदराम लोहरा का घर पालकोट प्रखंड के उमड़ा तिलैडीह गांव है. किसी प्रकार वे अपने गांव से पालकोट बैंक तक पहुंचे. लेकिन दुर्भाग्य व चिंता की बात है. उनके पेंशन की राशि बैंक से निकल नहीं सकी.
क्या कहते हैं समाज सेवी
समाज सेवी उमेश साहू ने बताया कि जब नंदराम लोहरा बैंक में अपनी पेंशन का पैसा निकालने पहुंचे तो पैसा की निकासी नहीं हो सकी. बैंक को इस पर सोचना चाहिए. अब नदंराम बुजुर्ग हो चुके हैं. हाथ ठीक से चलता नहीं है. इसलिए हस्ताक्षर में कुछ बहुत समस्या आ सकती है. उनके दूसरे प्रमाण पत्रों से जांच कर पेंशन की राशि दी जा सकती थी. लेकिन बैंक ने पैसा नहीं दिया.
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उन्होंने बताया कि नंदराम लोहरा जो आकाशवाणी में नागपुरी लोकगीत के कलाकार रहे हैं और आकाशवाणी रांची में 10 वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं. अब वे लगभग 90 वर्ष के हो चुके हैं. आज वे अपनी सरकारी पेंशन निकासी के लिए बैंक आये थे. पर, कैशियर इनके हस्ताक्षर को नहीं मान रहे हैं. जिससे गर्मी के भरी दोपहरी में इनको परेशानी का सामना करना पड़ा. इधर, बैंक द्वारा बताया गया कि हस्ताक्षर में त्रुटि होने के कारण नकद राशि भुगतान में दिक्कत है.
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