गुमला: मेरे बेटे को बचा लीजिये, वह नशे की लत में फंस गया है. नशे का कारोबार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई कीजिये. यह एक मां की पुकार है, जिसने सोमवार को प्रभात खबर कार्यालय में फोन कर अपने बेटे की जिंदगी बर्बाद होने की पीड़ा साझा की. महिला ने बताया कि उनका बेटा ही नहीं, बल्कि मोहल्ले के कई युवा और बच्चे नशे की चपेट में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं. नशा करने से रोकने पर बच्चे अब माता-पिता और परिवार के सदस्यों से झगड़ा करने लगे हैं. इससे किसी बड़ी घटना की आशंका बनी रहती है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मां की समस्या नहीं है. गुमला शहर में बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं. कई युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो चुकी है. कुछ जेल में हैं, तो कुछ का इलाज नशामुक्ति केंद्रों में चल रहा है. वहीं कई युवा नशे की हालत में सड़कों पर घूमते नजर आते हैं.
शांति नगर में शाम ढलते जुटते हैं नशे के आदी युवा
शहर के शांति नगर मोहल्ले में नशे की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में डर का माहौल है. घनी आबादी वाले इस इलाके में शाम होते ही ग्राउंड और अर्द्धनिर्मित घरों में नशे के आदी युवाओं और बच्चों का जमावड़ा लगने की शिकायत है. लोगों का कहना है कि नशे में शामिल युवाओं को रोकने या टोकने से वे आक्रामक हो सकते हैं, इसलिए लोग मजबूरी में चुप रहते हैं. हाल ही में मोहल्ले में हुई चोरी की घटना के बाद नशे के कारोबार का मामला भी सामने आया. चोरी करते पकड़े गये तीन युवकों ने नशीले पदार्थ खरीदने के लिए चोरी करने की बात बतायी. पुलिस जांच में शांति नगर में चाची नामक महिला द्वारा नशीला पदार्थ बेचने की जानकारी सामने आने की बात कही गयी है. हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है. स्थानीय महिला ने पुलिस से मांग की है कि शांति नगर में विशेष अभियान चलाकर नशे के कारोबार पर रोक लगायी जाये. उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चों और युवाओं से पूछताछ करने पर नशीले पदार्थ बेचने वाले लोगों तक पहुंचा जा सकता है.
ये भी पढ़ें: झारखंड छात्र आंदोलन को मिला 'अनुपमा' फेम रुपाली गांगुली का साथ, बोलीं- बारिश में डटे छात्रों की आवाज सुने सरकार
नशे के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की मांग
चेंबर के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सह नगर परिषद उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर गुमला में बढ़ते नशे के कारोबार पर चिंता जतायी है. उन्होंने कहा कि जिले में नक्सली और उग्रवादी गतिविधियों में कमी आयी है, लेकिन अब नशे का कारोबार एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है. मादक पदार्थों के बढ़ते सेवन से चोरी, लूट, हत्या और सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो रही है. रमेश कुमार चीनी ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में अक्सर छोटे कारोबारी या पैडलर पकड़े जाते हैं, जबकि बड़े तस्कर कार्रवाई से बच निकलते हैं. उन्होंने कहा कि बड़े धंधेबाज युवाओं को नशे के दलदल में धकेलकर खुद आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं, जबकि कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं. उन्होंने नशे के कारोबारियों से अपील की कि वे इस गलत रास्ते को छोड़ कर समाज का हिस्सा बनें. साथ ही नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं से भी इस आदत को तुरंत छोड़ने का आग्रह किया. उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि जिले में नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाये और बड़े तस्करों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाये. साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों की गतिविधियों और संगति पर नजर रखने की अपील की.
ये भी पढ़ें: गलत राशन कार्ड तुरंत होंगे निरस्त, खाद्य सचिव का सख्त आदेश, गिरिडीह और रांची नगर निगम को मिला बंपर फंड
