गुमला. संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निबटने की तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा सीबीआरएन (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर) आधारित मॉक ड्रिल आयोजित की जायेगी. इसको लेकर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला प्रशासन की बैठक हुई. बैठक में एनडीआरएफ की नौवीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट विनय कुमार, इंस्पेक्टर दिनेश अवस्थी सहित पांच सदस्यीय टीम ने प्रशिक्षण और मॉक अभ्यास से संबंधित जानकारी दी. टीम ने एनडीआरएफ की स्थापना, उद्देश्य तथा आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की कार्यप्रणाली के बारे में अधिकारियों को विस्तार से अवगत कराया. बताया गया कि सात मार्च 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे समाहरणालय परिसर में सीबीआरएन आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा. इस मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ की लगभग 25 सदस्यीय टीम विभिन्न आपदा परिस्थितियों में बचाव और राहत कार्यों की प्रक्रिया का प्रदर्शन करेगी, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली की बेहतर समझ मिल सके. एनडीआरएफ टीम ने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से यह भी प्रदर्शित किया जायेगा कि रासायनिक, जैविक, रेडियो लॉजिकल अथवा न्यूक्लियर आपदा की स्थिति में किस प्रकार त्वरित कार्रवाई करते हुए बचाव कार्य संचालित किये जाते हैं. साथ ही यह जानकारी दी गयी कि यदि किसी विभाग को आपदा प्रबंधन या आगजनी जैसी आपात स्थितियों से निबटने के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता हो, तो संबंधित विभाग अपने कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए एनडीआरएफ को ई-मेल के माध्यम से अनुरोध भेज सकते हैं. इसके बाद एनडीआरएफ की टीम संबंधित विभागों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करेगी. बैठक में डीडीसी दिलेश्वर महतो, एसी शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सीएस शंभूनाथ चौधरी, एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, एसडीओ बसिया जयवंती देवगम, डीएसपी गुमला मुख्यालय वीरेंद्र टोप्पो, डीसीएलआर गुमला राजीव कुमार, डीसीएलआर चैनपुर, डीसीएलआर बसिया शेखर कुमार, कार्यपालक अभियंता पीएचइडी अनुज कुमार सिन्हा, डीएओ शुभम प्रिया तीयू, आइटी मैनेजर राजीव कुमार समेत विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ, सीओ और संबंधित पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.
सीबीआरएन आपदा से निबटने को लेकर मॉक ड्रिल सात मार्च को
समाहरणालय परिसर में एनडीआरएफ की 25 सदस्यीय टीम करेगी बचाव व राहत कार्यों का प्रदर्शन
