किताबों से आगे है शिक्षा... शिक्षक दिवस पर छात्रों को दिया सफलता का बड़ा मंत्र

गुमला के लक्ष्य फिजिकल एकेडमी में शिक्षक दिवस पर ज्ञान और संस्कार का संदेश दिया गया. मुख्य अतिथियों ने छात्रों को अनुशासन और सफलता के मंत्र दिए.

गुमला. लक्ष्य फिजिकल एकेडमी गुमला द्वारा नगर भवन में शिक्षक दिवस मनाया गया. मुख्य अतिथि नगर परिषद की अध्यक्ष शकुंतला उरांव थी. जबकि वरिष्ठ अतिथि के रूप में भूतपूर्व डीआइजी रविंद्र भगत तथा गुमला थाना प्रभारी दिनेश कुमार उपस्थित रहे. शकुंतला उरांव ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है.

बल्कि यह व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है. उन्होंने शिक्षक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक शिक्षक विद्यार्थी के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है और उसे कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का हौसला देता है. उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया. रविंद्र भगत ने विद्यार्थियों को शिक्षक के जीवन, अनुशासन और संघर्ष से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया.

उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, अनुशासन और सही मार्गदर्शन बेहद जरूरी है. उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों का सम्मान करने और उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी. गुमला थाना प्रभारी दिनेश कुमार की मौजूदगी ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ायी. उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन और जिम्मेदारी के महत्व को समझने की प्रेरणा दी.

कार्यक्रम के अंत में लक्ष्य फिजिकल एकेडमी गुमला के डायरेक्टर नेल्सन भगत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एकेडमी का उद्देश्य केवल शारीरिक प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा और बेहतर संस्कार देना भी है. उन्होंने बच्चों को हर परिस्थिति में सही राह दिखाने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए निरंतर मार्गदर्शन देने का भरोसा दिलाया. उन्होंने विद्यार्थियों के साथ ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बातें साझा कीं. उनके संबोधन के दौरान पूरा माहौल भावनात्मक और प्रेरणादायक नजर आया. शिक्षक दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए केवल एक समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और सफलता की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला यादगार अवसर बन गया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >