पिता के नाम के लिए भटक रहा पुत्र, लेकिन पिता ने परिवार का हिस्सा मानने से कर दिया इनकार, जानें पूरा मामला

26 वर्षीय ललित उरांव को उसके पिता का नाम नहीं मिल रहा, परिजनों ने भी अपने परिवार का हिस्सा मानने से किया इंकार

गांव के 26 वर्षीय ललित उरांव अपने पिता का नाम पाने के लिये संघर्ष कर रहा है. ललित उरांव के पिता बहुरा उरांव अपने बेटे व अपनी पत्नी बेसो उरांव को स्वीकार नहीं कर रहा है. ललित की मां बेसो उरांव ने कहा कि 26 दिसंबर 1989 से वह बहुरा के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही है. इस दौरान उसका एक बेटा हुआ. जिसका नाम ललित उरांव है.

अब ललित उरांव 26 वर्ष का हो गया. परंतु अब परिवार के लोग मेरे बेटे को अपनाने से इंकार कर रहे हैं. बेसो ने कहा कि गांव में बैठक कर बहुरा उरांव को मेरी जिम्मेवारी सौंपी गयी थी. परंतु बहुरा मुझे मारपीट करता था. जिसके बाद मैं गांव स्थित अपने मायके में रहने लगी और अपने बच्चों का लालन-पालन करने लगी. मैं मजदूरी कर अपने बच्चों का परवरिश की.

जबकि मेरे बेटे को उसके पिता अपनाने से और अपना नाम देने से इंकार कर रहे हैं. ललित उरांव ने कहा कि मैं शादीशुदा हूं. मेरा पिता मुझे अपना नाम नहीं दे रहा है. मेरा पिता मुझे अपनाने से इंकार क्यों कर रहा है. मुझे समझ नहीं आ रहा है. वहीं ललित उरांव की पत्नी सरिता देवी ने एसपी को ज्ञापन देकर न्याय व सुरक्षा की गुहार लगायी है.

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