गुमला में 'थूक से सत्तू सान रहा नगर परिषद', रात के अंधेरे में बनी सड़कें सुबह फिर बनीं तालाब

गुमला में जर्जर सड़कों और जलजमाव से जनता परेशान है। नगर परिषद द्वारा की गई मरम्मत के दावों की पोल खुल गई है, जानें क्या है पूरा मामला।

गुमला: "थूक से सत्तू सानना" वाली पुरानी कहावत इन दिनों गुमला नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर पूरी तरह सटीक बैठती है. वजह है, शहर की मुख्य सड़कें इस वक्त जर्जर होकर तालाब में तब्दील हो चुकी हैं. स्थानीय जनता के बढ़ते आक्रोश और शिकायतों के बाद नगर परिषद ने आनन-फानन में लाखों रुपये खर्च कर सड़कों की मरम्मत तो कराई, लेकिन रात के अंधेरे में लीपापोती कर बनाई गईं ये सड़कें अगले ही दिन फिर से गड्ढों और जलजमाव में तब्दील हो गईं. लाखों रुपये फूंकने के बाद भी स्थिति जस की तस रहने से स्थानीय लोग बेहद आक्रोशित हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि नगर परिषद ने सड़क मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति और पैसों की बर्बादी की है.

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने लिया जायजा

मामला तूल पकड़ने के बाद नगर परिषद की अध्यक्ष शकुंतला उरांव और उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने खुद प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. उन्होंने जर्जर सड़कों की स्थिति देखी, स्थानीय लोगों से बातचीत की और सड़क मरम्मत के काम की गुणवत्ता की जांच की. इस पूरे मामले पर नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने सड़क की बदहाली पर चिंता जताते हुए माना कि मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति हुई है. उन्होंने बताया कि हाल ही में बोर्ड की बैठक में डीएसपी रोड के निर्माण की स्वीकृति दे दी गई है. मानसून/बरसात के तुरंत बाद पक्की सड़क का निर्माण कराया जाएगा और तब तक जनता को राहत देने के प्रयास होंगे. वहीं, उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने भी इस पूरे मामले पर बयान जारी कर कहा कि जब तक पक्की नई सड़क का निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक अस्थायी समाधान के तौर पर जर्जर सड़कों के गड्ढों में मिट्टी और मोरम (Morum) डालकर मरम्मत की जाएगी, ताकि लोगों का आवागमन बाधित न हो.

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शहर के प्रमु्ख सड़कों का क्या है हाल, यहां पढ़ें प्रभात खबर की ग्राउंड रिपोर्ट

  1. डीएसपी रोड (रानी सती मंदिर के समीप)

डीएसपी रोड पर रानी सती मंदिर के पास कुछ ही दिनों पहले सड़क मरम्मत का काम हुआ था. लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों ने जैसे-तैसे काम निपटा दिया. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जहां सड़क सबसे ज्यादा टूटी हुई थी, वहां मरम्मत कराई ही नहीं गई. नतीजा ये है कि पूरी सड़क आज भी तालाब बनी हुई है और राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं.

  1. श्री बड़ा दुर्गा मंदिर के समीप

यहां तीन दिन पहले रात के अंधेरे में (करीब 11 बजे) अचानक सड़क मरम्मत का काम शुरू कराया गया. स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात में लीपापोती कर ठेकेदार चला गया और अगले ही दिन सड़क फिर से टूटकर पानी से भर गई. श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने अध्यक्ष व उपाध्यक्ष से तुरंत पक्की सड़क बनाने की मांग की है.

  1. टंगरा स्कूल के पास (NH-78 से सटा क्षेत्र)

नेशनल हाईवे-78 से सटे टंगरा स्कूल के पास सड़क की स्थिति सबसे ज्यादा भयावह है. यहां सड़क पर डेढ़ फीट गहरा गड्ढा हो गया है, जो पूरी तरह पानी से भरा हुआ है. आसपास के दुकानदार और स्कूल जाने वाले बच्चे भारी मुसीबत झेल रहे हैं. सोमवार को स्थानीय लोगों ने खुद पानी निकालने की कोशिश की, लेकिन समुचित नाली न होने के कारण असफलता हाथ लगी.

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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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