गुमलाः साइबर ठगों ने बैंककर्मी बनकर बेहरा टोली निवासी एक महिला को ठगी का शिकार बना लिया. ठगों ने खाता बंद होने का डर दिखाकर और केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर महिला का भरोसा जीता. इसके बाद ओटीपी हासिल कर उसके बैंक खाते से 50 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली.
केवाईसी के नाम पर मांगा ओटीपी
पीड़ित महिला के अनुसार, शुक्रवार की शाम उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया. कॉल करने वाले ने खुद को बैंककर्मी बताते हुए कहा कि उसके खाते का केवाईसी अपडेट नहीं है. उसने तत्काल ऑनलाइन केवाईसी नहीं कराने पर खाता बंद होने की बात कही. खाता बंद होने के डर से महिला उसके झांसे में आ गई.
इसी दौरान ठग ने ऑनलाइन केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर महिला के मोबाइल पर आए ओटीपी की जानकारी मांगी. महिला ने अनजाने में ओटीपी ठग को बता दिया. ओटीपी मिलते ही ठग ने उसके बैंक खाते से 50 हजार रुपए निकाल लिए.
ये भी पढ़ें- बाल विवाह के खिलाफ भारत की आवाज बनी वैश्विक संकल्प, 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस
पैसे कटने का संदेश आया, तब हुआ ठगी का एहसास
खाते से रकम निकलने का मोबाइल पर संदेश आते ही महिला को साइबर ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद उसने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. साथ ही गुमला थाना में लिखित आवेदन देकर मामले में कार्रवाई करने और ठगी की रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई.
मोबाइल नंबर और लेनदेन की जांच
पुलिस ने महिला के लिखित आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खाते में हुए लेनदेन के विवरण की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.
ओटीपी या गोपनीय जानकारी साझा न करें
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि बैंककर्मी बनकर फोन करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम या बैंक खाते से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी साझा न करें. बैंक संबंधी किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक माध्यम से ही संपर्क करें.
ये भी पढ़ें- झारखंड ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि और जुझारू नेता को खो दिया: विधायक भूषण बाड़ा
