जारी: जारी प्रखंड के आमगांव विद्यालय में सरकार की लाखों रुपये की लागत से स्थापित सोलर जलमीनार पिछले तीन वर्षों से खराब पड़ी है. जलमीनार में टंकी और सोलर प्लेट लगी हुई है, लेकिन उससे पानी नहीं निकल रहा है. इस कारण विद्यालय के छात्र-छात्राओं को पेयजल के लिए रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
प्यास लगने पर विद्यार्थियों को पढ़ाई छोड़ कर स्कूल परिसर में लगे हैंडपंप तक जाना पड़ता है. वहीं कई छात्र-छात्राएं घर से पानी की बोतल लाने को मजबूर हैं. गर्मी में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार की खराबी की सूचना कई बार मुखिया, शिक्षा विभाग और जलसहिया को मौखिक रूप से दी गयी, लेकिन आज तक इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी. इस कारण सरकार की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना का लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार विद्यालयों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन आमगांव स्कूल की सोलर जलमीनार पिछले तीन वर्षों से केवल शोपीस बनकर रह गयी है.
ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सोलर जलमीनार की मरम्मत कर विद्यालय में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके.
