हिंदी दिवस पर चैनपुर कॉलेज में सजी साहित्य की महफिल, छात्रों ने रचनाओं से मोहा मन

परमवीर अल्बर्ट एक्का मेमोरियल कॉलेज चैनपुर में हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी प्रतिभा दिखाई.

चैनपुरः परमवीर अल्बर्ट एक्का मेमोरियल कॉलेज, चैनपुर में हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य फादर अगस्तुस एक्का, हिंदी विभागाध्यक्ष अंजना कुजूर एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने दीप प्रज्वलित कर किया.

हिंदी भाषा के महत्व पर दिया जोर

हिंदी विभागाध्यक्ष अंजना कुजूर ने हिंदी भाषा के महत्व और उसकी समृद्ध साहित्यिक परंपरा पर प्रकाश डाला. प्राचार्य फादर अगस्तुस एक्का ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, साहित्य और भावनाओं को जोड़ने वाली भाषा है. उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया.

ये भी पढ़ें- शेरघाटी से कजरी तक बिछेगी नई रेल लाइन, 2,627.29 करोड़ की परियोजना को रेलवे बोर्ड की मंजूरी

कहानी और कविता पाठ में दिखायी प्रतिभा

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वरचित कहानी पाठ, स्वरचित कविता पाठ, कविता पाठ, यात्रा-वृत्तांत और हिंदी दिवस पर लेखन प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया.

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी सम्मानित

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया. स्वरचित कहानी पाठ में संगीता कुमारी एवं आरती टोप्पो, स्वरचित कविता पाठ में पिंकी कुजूर, सोनम कुमारी एवं सुमंती तिर्की, कविता पाठ में उर्सुला बरला, यात्रा-वृत्तांत में अंजली टोप्पो तथा हिंदी दिवस पर लेखन में निशा लकड़ा को प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया.

ये भी पढ़ें- अब आसान हुआ स्कूल, अस्पताल और बाजार का सफर, 7.8 किमी सड़क से जुड़े कई गांव

शिक्षक और विद्यार्थी रहे मौजूद

कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी सहायक प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे. कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने और साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >