दुर्जय पासवान, गुमला
रांची के बिरसा चौक के समीप सड़क पर भटक रही अर्द्धविक्षिप्त युवती को मनचलें युवकों से गुमला की महिला ने बचाया है. युवती अपने घर का पता भूल गयी है. इसलिए वह गुमला आ गयी. युवती दोबारा सड़कों पर न भटकने लगे. इसलिए सीडब्ल्यूसी ने युवती को अपने संरक्षण में ले लिया है. उसे नारी निकेतन में रखा है और युवती के घर परिवार की खोज शुरू कर दी गयी है.
अर्द्धविक्षिप्त युवती अपना नाम सुकरी कुमारी, घर रांची शिमला मोड़, पिता का नाम गुरुचरण महतो व मां का नाम श्रीदेवी बताती है. युवती के अनुसार वह वर्ष 2018 में मैट्रिक परीक्षा पास की है. परंतु दिमागी हालात ठीक नहीं रहने के कारण वह घर से भटक गयी.
वहीं, युवती को बचाने वाली महिला गुमला जिला अंतर्गत पालकोट प्रखंड की रूना देवी है. जानकारी के अनुसार अर्द्धविक्षिप्त युवती घर से भटक कर रांची की सड़कों पर घूमने लगी. युवती को अकेला देखकर रांची के बिरसा चौक के पास कुछ युवक उससे छेड़छाड़ करने लगे. वहां से गुजर रही गुमला की महिला ने जब यह देखा तो उसने मनचले युवकों से युवती को बचाया.
इस प्रकार रूना ने सुकरी को बचाया
रूना ने कहा कि वह जामुन बेचकर अपने परिवार की जीविका चलाती हैं. शुक्रवार को वह अपने रिश्तेदार के घर से गुमला वापस आने के लिए निकली थी. वह बस पकड़ने के लिए बिरसा चौक के पास जा रही थी. तभी रास्ते में कुछ मनचले युवक एक युवती से छेड़छाड़ कर रहे थे. उस समय आसपास कोई नहीं था. वह युवती के पास पहुंच गयी और उसे युवकों के चंगुल से मुक्त कराया. महिला चिल्लाने लगी तो सभी युवक वहां से भाग गये.
रूना ने बताया कि वह सुकरी से उसके घर परिवार के बारे में पूछताछ की. लेकिन वह कुछ नहीं बता पायी. सुकरी एक ही बात पर अड़ गयी कि मैं यहां नहीं रहूंगी. मुझे अपने साथ ले चलिए. रूना ने बताया कि उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था. तभी बस आ गयी तो वह उस युवती को भी बस में बैठाकर पालकोट ले आयी.
परिवार का पता लगने तक नारी निकेतन में रहेगी सुकरी
सृजन फाउंडेशन चाइल्ड लाइन के सदस्य रोशन कंसारी व सत्यम सोनी ने बताया कि रूना देवी गरीब महिला है. वह अर्द्धविक्षिप्त सुकरी को कहां रखती. इसलिए शनिवार को सुकरी को सीडब्ल्यूसी में प्रस्तुत किया गया. इधर, सुकरी का सीडब्ल्यूसी की सदस्य कृपा खेस ने काउंसलिंग की. लेकिन वह ठीक ढंग से जानकारी नहीं दे पा रही थी. सिर्फ अपना नाम, पिता, मां का नाम बता पा रही है. परंतु घर की सही जानकारी नहीं दे पा रही थी. आधा घंटे तक पूछताछ के बाद कागजी कार्रवाई कर उसका गुमला के मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया. इसके बाद नारी निकेतन में रखा गया है.
