घाघरा. घाघरा प्रखंड के चुंदरी गांव में शुक्रवार को सरहुल पूर्व संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सांस्कृतिक महोत्सव में सीआरपीएफ डीआइजी रवींद्र भगत, प्रोफेसर अवधमनी पाठक, अनिरुद्ध चौबे व मुखिया विनिता कुमारी समेत अन्य गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण क्षेत्र से आये 20 खोड़हा दल रहे, जिन्होंने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य-संगीत से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध किया. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खोड़हा दल व विभिन्न पारंपरिक प्रतियोगिताओं के विजेता को अतिथियों ने पुरस्कृत किया. डीआइजी रवींद्र भगत ने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी प्रकृति, संस्कृति और अटूट परंपरा का जीवंत प्रतीक है. चुंदरी गांव में आयोजित इस कार्यक्रम का अनुशासन और उत्साह सराहनीय है, जो हमारी सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है. प्रोफेसर अवधमनी पाठक ने प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिक जीवन की प्रेरणा पर बल देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी जड़ों को मजबूत करते हैं. अनिरुद्ध चौबे ने सरहुल को झारखंड की पहचान और गौरव का प्रतीक बताया. समारोह को सफल बनाने में कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष आदित्य भगत, नूतन झा, अमित ठाकुर, अशोक उरांव, डॉ विनय महली, दिलबहार अंसारी, अजीत मणि पाठक, शैलेश मणि पाठक, मुकेश मणि पाठक, परमेश्वर उरांव, जयनाथ भगत, शहजाद अंसारी, सुरेंद्र साहू, बालकिशन भगत, भूषण साहू, संजय ठाकुर, प्रधान उरांव, रवींद्र महली, राम कुमार भगत, मनीष महली, सुरेंद्र यादव, कैलाश महतो व अर्जुन साहू समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज करायी.
सरहुल पर्व नहीं, हमारी संस्कृति व परंपरा का जीवंत प्रतीक : डीआइजी
चुंदरी में सरहुल पूर्व संध्या का आयोजन
