गुमला. अंधविश्वास के नाम पर हुई हत्या मामले की पुलिस ने खुलासा कर लिया है. बहुचर्चित मांगी देवी हत्याकांड में मुख्य आरोपी एतवा उरांव को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पूरे मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं और अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है. जानकारी के अनुसार सदर थाना के धनगांव में 45 वर्षीय मांगी देवी की हत्या कथित तौर पर डायन-बिसाही के आरोप में कर दी गयी थी. घटना उस समय सामने आयी, जब 24 मार्च से लापता मांगी देवी का शव करमटोंगरी पहाड़ के पास बरामद हुआ. मृतका के पुत्र विकास खड़िया ने सबसे पहले शव को देखा और पहचान की. परिजनों ने इस मामले में एतवा उरांव के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि वह मांगी देवी को लंबे समय से डायन बताकर प्रताड़ित कर रहा था. आरोप है कि इस अंधविश्वास के चलते आरोपी ने पहले महिला के मुंह में कपड़ा ठूंसा, फिर गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी. घटना को छिपाने के उद्देश्य से शव को पहाड़ से नीचे फेंक दिया गया था. पुलिस की पूछताछ के दौरान एतवा उरांव ने कई अहम जानकारियां दी हैं, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि इस वारदात में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं.
अंधविश्वास में हुई थी मांगी देवी की हत्या, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
अंधविश्वास में हुई थी मांगी देवी की हत्या, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
