गुमला. जिले के डुमरी थाना स्थित छोटाकटरा गांव में दबंगई व सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है. गांव के कई लोगों ने एसपी गुमला को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि कुछ ग्रामीणों द्वारा उन्हें डरा-धमका कर अवैध रूप से जुर्माना वसूला जा रहा है और विरोध करने पर जान-माल की क्षति पहुंचाने की धमकी दी जा रही है. पीड़ित फेतो देवी, प्रतिमा भगत, मंजय उरांव, निकुंज बाखला, जदुवा बाखला और दर्शन उरांव ने बताया कि छह मार्च 2026 को गांव के ही सुनील उरांव समेत अन्य लोगों ने उनके घर पहुंच कर एक लाख रुपये जुर्माना देने की मांग की. आरोप है कि दबंगों ने साफ तौर पर कहा कि यदि गांव में रहना है, तो पैसा देना होगा, अन्यथा गांव छोड़ कर चले जायें. अगर नहीं गये, तो उनके घरों में आग लगा दी जायेगी. पीड़ितों के अनुसार इससे पहले आरोपित लोग ठेकेदारी कार्य के लिए उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते थे. इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त गुमला को आवेदन दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जे से मुक्त कराया था. इस बात से नाराज होकर आरोपितों ने गांव में बैठक कर पीड़ित परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया. आरोप है कि गांव में यह फरमान जारी किया गया है कि जो कोई भी पीड़ित परिवारों से बातचीत करेगा या उनके यहां मजदूरी करेगा या उनके सुख-दुख में शामिल होगा, उसे 25 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ेगा. साथ ही यह भी धमकी दी गयी है कि यदि पीड़ित पुलिस के पास गये, तो उनके घरों में आगजनी की जायेगी. घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में हैं और भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं. पीड़ितों ने एसपी से मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.
अगर गांव में रहना है, तो पैसा देना होगा
डुमरी थाना के छोटाकटरा गांव में दबंगई व सामाजिक बहिष्कार का मामला
