मानसून की पहली दस्तक के साथ ही गोड्डा जिले में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है. वायरल बुखार, मलेरिया, टाइफाइड और सर्पदंश के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है. बढ़ते मरीजों के कारण सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे ओपीडी और पैथोलॉजी लैब में लंबी कतारें लग रही हैं. सदर अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 60 से 70 मरीज वायरल अथवा मानसूनी बुखार की शिकायत लेकर ओपीडी पहुंच रहे हैं. मरीजों की स्थिति और बुखार की गंभीरता को देखते हुए इनमें से 15 से 20 मरीजों को प्रतिदिन अस्पताल के वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है. इसके अलावा सर्पदंश और ब्रेन मलेरिया के मरीज भी लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं.
पैथोलॉजी लैब पर बढ़ा दबाव, ब्रेन मलेरिया बना सबसे बड़ी चिंता
अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन औसतन 150 मरीजों के रक्त नमूनों की जांच की जा रही है. जांच में प्रतिदिन 50 से 60 मरीज वायरल बुखार से संक्रमित मिल रहे हैं, जबकि 40 से 50 मरीजों में मलेरिया और टाइफाइड की पुष्टि हो रही है. स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी चिंता ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामले हैं. सुंदरपहाड़ी, गोड्डा सदर, पथरगामा और महागामा प्रखंडों से लगातार ब्रेन मलेरिया के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं. चिकित्सकों के अनुसार समय पर इलाज नहीं मिलने अथवा देर से अस्पताल पहुंचने के कारण कुछ मरीजों की मौत भी हो चुकी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है. शुक्रवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रतनपुर निवासी गंगाधर मंडल (85), सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के सालोडीह निवासी किशोर टुडू (60) एवं उनके पुत्र देवीलाल टुडू (32) तथा पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के केराबाड़ी निवासी तालावती हेंब्रम (10) को ब्रेन मलेरिया की पुष्टि होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है.
बरसात में बढ़े सर्पदंश के मामले, एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध
बरसात के कारण खेतों और बिलों में पानी भरने से जहरीले सांपों का निकलना बढ़ गया है. सदर अस्पताल में प्रतिदिन करीब छह सर्पदंश के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. राहत की बात यह है कि अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जिससे मरीजों का समय पर उपचार हो पा रहा है. शुक्रवार सुबह सदर प्रखंड के माली फसिया गांव की निवासी मोनी कुमारी को बाथरूम जाते समय करैत सांप ने काट लिया. गंभीर अवस्था में परिजन उन्हें सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां समय पर एंटी-स्नेक वेनम दिए जाने से उनकी जान बच गयी.
ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह चालू, लेकिन कोरोना जांच किट का अभाव
पड़ोसी जिलों में कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए गोड्डा सदर अस्पताल प्रशासन सतर्क है. अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट पूरी क्षमता से संचालित हो रहा है. इसकी एयर प्रेशर प्रणाली और कार्यप्रणाली की डिजिटल निगरानी राज्य मुख्यालय रांची से की जा रही है. हालांकि अस्पताल में कोरोना जांच किट उपलब्ध नहीं होने के कारण संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच संभव नहीं हो पा रही है. इसके अलावा सदर अस्पताल में अभी तक अलग से कोविड वार्ड भी स्थापित नहीं किया गया है, जिससे भविष्य में संक्रमण बढ़ने की स्थिति में चुनौतियां बढ़ सकती हैं.
क्या कहते हैं उपाधीक्षक
मानसून की शुरुआत के साथ वायरल एवं मौसमी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. ओपीडी से लेकर भर्ती वार्ड तक सभी मरीजों का त्वरित एवं बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है. अस्पताल में जीवनरक्षक दवाओं के साथ-साथ एंटी-स्नेक वेनम का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, इसलिए मरीजों और उनके परिजनों को घबराने की आवश्यकता नहीं है. जहां तक कोरोना संक्रमण का सवाल है, फिलहाल सदर अस्पताल या जिले में कोविड-19 का एक भी सक्रिय मामला नहीं है. जांच किट की उपलब्धता के लिए संबंधित विभाग को अधियाचना भेज दी गयी है और शीघ्र ही नयी खेप अस्पताल को उपलब्ध करा दी जाएगी.
-डॉ. ताराशंकर झा, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल
